मुंबई। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) ने एसआईआर (SIT की रिपोर्ट) प्रक्रिया को लेकर एक विशेष मोबाइल ऐप लॉन्च किया है, जो इस संवेदनशील मुद्दे पर आम जनता की मदद करेगा। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान ने बताया कि एसआईआर प्रक्रिया के लिए ऐप जारी करने वाली एआईएमआईएम देश की पहली राजनीतिक पार्टी है।
उन्होंने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान लोगों की नागरिकता और मतदाता सूची से जुड़ी जानकारियों को लेकर काफी भ्रम और परेशानी होती है। अक्सर इस प्रक्रिया में लोगों के नाम सही तरीके से सूची में दर्ज नहीं होते या अनावश्यक समस्याएं पैदा हो जाती हैं। ऐसे में नागरिकों को सही सूचना और सहायता देना नितांत आवश्यक हो गया था।
वारिस पठान ने बताया कि चुनाव आयोग द्वारा एसआईआर प्रक्रिया के अंतर्गत मैपिंग अभियान शुरू करने के बाद आम जनता में दस्तावेजों और आवश्यक क्रियाकलापों को लेकर भारी उलझन पैदा हो गई थी। लोग समझ नहीं पा रहे थे कि किन दस्तावेजों की आवश्यकता है, उन्हें किनके पास जमा करना है और पूरी प्रक्रिया कहाँ पूरी करनी है। इस समस्या से निपटने के लिए एआईएमआईएम ने अपने आर्थिक संसाधन लगाकर एक फीचर-रिच मोबाइल ऐप विकसित किया जो तकनीकी और प्रशासनिक सहायता प्रदान करता है।
उन्होंने यह भी बताया कि केवल ऐप तैयार करना ही उद्देश्य नहीं है, बल्कि पार्टी ने अपने कार्यकर्ताओं को भी इस ऐप के संचालन और उपयोग के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया है, ताकि वे प्रभावी तरीके से लोगों को सहायता पहुंचा सकें। गांव-शहर में लगाए गए कैंपों के माध्यम से इस ऐप के बारे में व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इससे लोगों को एसआईआर प्रक्रिया को समझने में आसानी हो रही है और वे अपनी जानकारियों को अपडेट कर पा रहे हैं।
वारिस पठान ने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया के तहत अक्सर लोग कई तरह की समस्याओं से जूझते रहे हैं। मतदाता सूची में नाम गलती से हट जाना, पते में बदलाव के बावजूद अपडेट नहीं होना आदि मामले आम हैं।
इस ऐप का उद्देश्य इन समस्याओं का त्वरित समाधान उपलब्ध कराना है, जिससे किसी भी व्यक्ति का नाम गलत तरीके से वोटर लिस्ट से न निकाला जा सके और वह अपनी नागरिकता संबंधी अधिकारों से वंचित न हो। एआईएमआईएम भविष्य में भी इस तरह की महत्वपूर्ण सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाएगी और एसआईआर जैसे मुद्दों पर लोगों में जागरूकता फैलाने का काम जारी रखेगी।

