मुंबई। भाजपा विधायक अतुल भातखलकर ने हाल ही में कई राजनीतिक विषयों पर अपनी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे के असदुद्दीन ओवैसी के खिलाफ दिए गए बयानों का समर्थन किया। उन्होंने निदा खान मामले में भी राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से गंभीर आरोप लगाए और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में शामिल व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की बात कही।
अतुल भातखलकर ने स्पष्ट रूप से कहा कि “एआईएमआईएम की प्रवृत्ति राष्ट्रविरोधी गतिविधियों की ओर झुकी हुई है। संभाजी नगर के एआईएमआईएम पार्षद ने निदा खान को आश्रय दिया था और उनके खिलाफ जल्द ही कानून के तहत कड़ी कार्रवाई होगी।” उन्होंने ओवैसी की तुलना आतंकवादी लादेन से करते हुए उनकी गतिविधियों पर सवाल उठाए।
राहुल गांधी की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देश से की गई एक अपील पर की गई आलोचना पर बोलते हुए भातखलकर ने कहा कि “राहुल गांधी एक निष्क्रिय और अप्रभावी नेता हैं, जिनका देश के सामने उठाए गए मुद्दों पर ज्यादा महत्व नहीं है। प्रधानमंत्री मोदी ने यूक्रेन-रूस युद्ध और अमेरिका-ईरान संघर्ष के बावजूद पूरे देश को सुरक्षित रखा है। उन्होंने जनता से जो अपील की है, वह देश हित में है और भाजपा कार्यकर्ता तथा देशवासी इसे पूरा करेंगे।” उन्होंने खास तौर पर सोना न खरीदने की अपील को देश के आर्थिक हित में उचित और आवश्यक बताया।
भाजपा विधायक ने ऊर्जा संकट की गंभीरता पर भी प्रकाश डालते हुए कहा कि “भारत लगभग 80 प्रतिशत ऊर्जा आयात पर निर्भर है। होर्मुज जलडमरूमध्य बंद हुए एक महीना हो चुका है, इसलिए ऐसे संकट के समय केवल सरकार ही नहीं, बल्कि हर नागरिक को अपनी भूमिका निभानी चाहिए। प्रधानमंत्री मोदी की यह अपील इसलिए बेहद महत्वपूर्ण और सार्थक है।”
राजनीतिक मैदान पर कांग्रेस की कमजोर स्थिति के बारे में उन्होंने कहा कि “कांग्रेस पार्टी केरल में अपने मुख्यमंत्री पद के लिए अभी तक कोई नाम नहीं घोषित कर पाई है जिससे यह साफ होता है कि पार्टी और राहुल गांधी के बीच तालमेल की कमी है। यह बात संकेत देती है कि केरल में भी कांग्रेस की राजनीतिक स्थिति कमजोर होने जा रही है।”
अंत में उन्होंने देश की सांस्कृतिक विरासत और समृद्ध इतिहास को याद करते हुए कहा कि “सोमनाथ मंदिर भारतीय संस्कृति का एक अनमोल धरोहर है। मुगलों के बार-बार आक्रमणों के बावजूद यह मंदिर अपनी धाक कायम रख सका। स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद सरदार पटेल और डॉ. राजेंद्र प्रसाद के नेतृत्व में इसका जीर्णोद्धार किया गया। मंदिर के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में पूरे देश में उत्सव का माहौल है जो भारतीय संस्कृति की महानता को दर्शाता है।”

