बरगी बांध हादसे में मृतकों की संख्या को लेकर प्रशासन की स्पष्ट रिपोर्ट का अभाव

Rashtrabaan

    जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में बरगी जलाशय क्रूज हादसे ने एक बार फिर से प्रशासन की जवाबदेही और सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस दुर्घटना में मृतकों की संख्या का सटीक आंकड़ा अभी भी स्पष्ट नहीं हो पाया है, जिससे प्रभावित परिवारों में चिंता और आक्रोश बढ़ता जा रहा है।

    यह हादसा गुरुवार शाम नर्मदा नदी के बरगी जलाशय में तब हुआ जब खराब मौसम के कारण एक क्रूज पलट गया। इस घटना ने पूरे क्षेत्र के लिए दुख और असमंजस की स्थिति पैदा कर दी है, खासकर तब जब क्रूज में सवार लोगों की सही संख्या को लेकर अलग-अलग आंकड़े सामने आ रहे हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया कि अब तक 9 शव बरामद किए गए हैं और 29 लोग सुरक्षित बचाए गए हैं। हालांकि पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने मृतकों की संख्या बढ़ने की संभावना भी जताई है।

    राज्य सरकार ने मामले की गहन जांच के आदेश जारी किए हैं और सभी जल पर्यटन गतिविधियों पर तत्काल रोक लगा दी गई है। वर्तमान स्थिति में सबसे बड़ा सवाल यह है कि उस क्रूज में कुल कितने यात्रियों की मौजूदगी थी। सीसीटीवी फुटेज और अन्य जांच के आधार पर यह अनुमान लगाया गया है कि क्रूज पर 36 से 37 लोग सवार थे, लेकिन कैमरे में अधिक संख्या (लगभग 43) के लोग देखे गए।

    इसके अतिरिक्त कुछ यात्रियों को मुफ्त सवारी देने की बातें भी सामने आई हैं, जिससे यात्रियों की सही सूची तैयार करना और भी अधिक जटिल हो गया है। यह बात यात्रियों की संख्या और दुर्घटना में हताहतों के बारे में सटीक जानकारी हासिल करने में अड़चन बन रही है।

    हादसे के बाद क्षेत्र में अधिकार क्षेत्र और सुरक्षा नियमों को लेकर गंभीर बहस शुरू हो गई है। 27,000 हेक्टेयर से अधिक जलाशय क्षेत्र में कई परिवार प्रभावित हुए हैं। अब सवाल उठ रहे हैं कि इस जलाशय का प्रबंधन किस विभाग के अंतर्गत है और किस तरह से खेती, बिजली, पेयजल के साथ-साथ पर्यटन गतिविधियों को सम्मिलित किया गया।

    मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि क्रूज हादसे में जोखिम उठाकर लोगों को बचाने वाले स्थानीय दोस्तों को स्वतंत्रता दिवस पर सम्मानित किया जाएगा। वहीं पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने कहा कि यह हादसा किसी भी रूप में क्षम्य नहीं है और जांच में यदि संचालनकर्ताओं या अधिकारियों की लापरवाही पाई गई तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

    इस त्रासदी ने जल पर्यटन की सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की जरूरत को स्पष्ट कर दिया है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके। प्रशासन एवं संबंधित विभागों को चाहिए कि वे पूरी पारदर्शिता और तत्परता से जांच करें और पीड़ित परिवारों को उचित न्याय व सहायता प्रदान करें।

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