बिलासपुर के रतनपुर थाने से एक गंभीर मामले की खबर सामने आई है, जहां एक सहायक उप-निरीक्षक (ASI) ने शिकायतकर्ता के साथ थाने के अंदर मारपीट की। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं और जनता में व्यापक आक्रोश फैल गया है।
रिपोर्ट दर्ज कराने के नाम पर रिश्वत की मांग और मारपीट का आरोप
जानकारी के अनुसार शिकायतकर्ता रिपोर्ट दर्ज कराने पहुंचा था, जहां उसे कथित तौर पर पैसे देने को कहा गया। जब उसने ऐसा करने से इनकार किया, तो ASI ने अपना आपा खो दिया और शिकायतकर्ता को लगभग 15 से 20 बार थप्पड़ मार डाले। मारपीट की यह घटना पूरी तरह थाना परिसर के अंदर हुई, जिससे पुलिस-प्रशासन की छवि धूमिल हो गई है। कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।
पुलिस विभाग की जवाबदेही और कानूनी पहलू
वायरल वीडियो में साफ नजर आ रहा है कि पुलिसकर्मी द्वारा की गई यह हिंसा गैर-कानूनी और अनुचित है। यह घटना पुलिस व्यवस्था और न्याय के प्रति जनता के विश्वास को ठेस पहुंचाती है। मामले की जांच के लिए उच्च अधिकारियों ने संज्ञान लिया है और दोषी पुलिसकर्मी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की तैयारी के संकेत भी दी हैं। फिलहाल पीड़ित व्यक्ति को उचित सहायता और सुरक्षा मुहैया कराने की बात कही जा रही है।
स्थानीय लोगों और मानवाधिकार संगठनों ने इस घटना की निंदा की है और पुलिस सुधारों की प्रक्रिया तेज करने की मांग उठाई है। इस प्रकार की घटनाएं कानून व्यवस्था और प्रशासन की विश्वसनीयता के लिए चिंता का विषय हैं।
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