अमेरिकी कांग्रेस में H-1B वीज़ा पर 3 साल की विराम लगाने का विधेयक पेश

Rashtrabaan

    अमेरिका की कांग्रेस में एरिजोना के कांग्रेशमैन एलि क्रेन ने H-1B वीज़ा प्रणाली में सुधार के लिए “End H-1B Visa Abuse Act of 2026” नामक एक विधेयक पेश किया है। इस बिल को सात अन्य रिपब्लिकन सांसदों ने भी सह-प्रायोजित किया है। यह प्रस्ताव H-1B वीज़ा प्रणाली के दुरुपयोग को रोकने और अमेरिकी श्रमिकों के हितों की रक्षा करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।

    H-1B वीज़ा एक अस्थायी कार्य वीज़ा है, जो तकनीकी और अन्य कुशल विदेशी पेशेवरों को अमेरिका में काम करने की अनुमति देता है। पिछले कुछ वर्षों में इस वीज़ा प्रणाली पर कई चिंताएं उठी हैं, जिनमें बताया गया है कि कंपनियां इसे गलत तरीके से इस्तेमाल कर रही हैं, जिससे स्थानीय अमेरिकी श्रमिकों को रोजगार मिलने में बाधा आ रही है।

    एलि क्रेन ने कहा है कि इस बिल से H-1B वीज़ा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी और वीज़ा दुरुपयोग को रोका जाएगा। बिल के अनुसार, तीन साल के लिए H-1B वीज़ा जारी करने पर रोक लगाई जाएगी जिससे अमेरिकी प्रौद्योगिकी उद्योग में घरेलू प्रतिभा को बढ़ावा मिल सके। इस कदम का उद्देश्य अमेरिकी कर्मचारियों को बेहतर रोजगार अवसर प्रदान करना और विदेशी श्रमिकों के अकारण बड़े पैमाने पर आने से बचना है।

    विधेयक में यह भी कहा गया है कि कंपनियों को अपने रोजगार से संबंधित सभी कागजी कार्रवाई प्रमाणित करनी होगी और यदि कोई उल्लंघन पाया गया तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस प्रस्ताव को लेकर बहस चल रही है कि इससे अमेरिकी टेक्नोलॉजी सेक्टर में कर्मचारी की कमी तो नहीं हो जाएगी। हालांकि, समर्थक कहते हैं कि इससे कर्मचारियों की गुणवत्ता और रोजगार सुनिश्चित किया जाएगा।

    इस बिल के सह-प्रायोजकों ने भी इसे श्रम बाज़ार के हित में एक आवश्यक कदम करार दिया है। रिपब्लिकन सांसदों का मानना है कि मौजूदा प्रणाली कमजोर और दुरुपयोग की संभावना से भरी हुई है, जिसे सुधारना जरूरी है। उन्होंने कहा कि यह बिल अमेरिकी कर्मचारियों की सुरक्षा और अवसरों की वृद्धि करेगा।

    अधिकांश ट्रेड यूनियनों और कुछ उद्योग विशेषज्ञों ने भी इस विधेयक का स्वागत किया है, जबकि कुछ तकनीकी कंपनियां इसकी आलोचना कर रही हैं। वे मानती हैं कि इस तरह की रोकथाम से विदेशी प्रतिभाओं के आवागमन में बाधा आएगी और नवाचार प्रभावित हो सकता है।

    कांग्रेस में इस विधेयक पर चर्चा और समीक्षा जारी है और आगे के सुधारों तथा संशोधनों की संभावना बनी हुई है। H-1B वीज़ा प्रणाली में परिवर्तन से जुड़े इस विवादास्पद मुद्दे पर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई दृष्टिकोण सामने आ रहे हैं।

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