जयपुर के एसएमएस अस्पताल में बम धमकी से मचा हड़कंप, सुरक्षा एजेंसियां सतर्क

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    जयपुर। सवाई मान सिंह (एसएमएस) अस्पताल में अचानक बम धमकी मिलने से अस्पताल परिसर में खलबली मच गई। इस धमकी के बाद अस्पताल के मरीज, कर्मचारी और आगंतुक डर गए। पुलिस, बम निरोधक दस्ते, खोजी कुत्तों और नागरिक सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत मोर्चा संभाला और अस्पताल में सुरक्षित माहौल बनाने के लिए व्यापक तलाशी अभियान चलाया।

    घटना की जानकारी अधिकारियों ने दी कि एसएमएस अस्पताल को बम धमकी भरा संदेश प्राप्त हुआ जिसमें 40 करोड़ रुपये की मांग की गई थी। धमकी दी गई थी कि यदि यह राशि नहीं दी गई तो अस्पताल को उड़ा दिया जाएगा। इस सूचना के बाद अभय कमांड सेंटर से संबंधित पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां मौके पर पहुंचीं और तत्काल कार्रवाई शुरू की।

    सुरक्षा कर्मियों ने पूरे अस्पताल परिसर को छानबीन किया, संदिग्ध वस्तुओं की जांच की और हर कोने को सावधानी से देखा। अस्पताल अधीक्षक डॉ. मृणाल जोशी ने बताया कि पुलिस टीम ने पूरी सुरक्षा व्यवस्था के बीच तलाशी अभियान चलाया, लेकिन किसी संदिग्ध या खतरनाक वस्तु का पता नहीं चला। मामले की जांच अभी भी जारी है।

    राज्य में हाल के महीनों में बम धमकियों की घटनाओं में वृद्धि देखी गई है। सूचना मिली है कि राजस्थान विधानसभा, उच्च न्यायालय सहित कई प्रतिष्ठित और सार्वजनिक स्थानों को भी इस तरह की धमकियां मिली हैं। इस कारण राज्य भर की सुरक्षा एजेंसियां हाईअलर्ट पर हैं और ऐसी घटनाओं को गंभीरता से ले रही हैं।

    आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, जयपुर में 2024 और 2025 में इस प्रकार की धमकियों की संख्या में इजाफा हुआ है। जयपुर में 2024 में 20 से अधिक और 2025 में 34 मामले दर्ज किए गए, जबकि जोधपुर, कोटा, अजमेर, उदयपुर, अलवर, और श्री गंगानगर जैसे अन्य शहरों में भी धमकियों की संख्या बढ़ी है।

    पुलिस सूत्रों ने बताया कि 2025 की शुरुआत से अब तक राजस्थान में लगभग 40 बम धमकियों की रिपोर्ट मिली है, जबकि पिछले दो वर्षों में यह संख्या बढ़ती रही है। अधिकांश धमकियां फर्जी पाई गई हैं, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां हर खतरे को गंभीरता से ले रही हैं और हर घटना पर सघन सुरक्षा उपायों को लागू कर रही हैं।

    धमकियों के स्रोत की पहचान और दोषियों को पकड़ना अभी भी चुनौती बना हुआ है। इनमें अधिकतर धमकियां ईमेल और सोशल मीडिया के माध्यम से भेजी जा रही हैं, जिससे जांच एजेंसियों को साइबर एवं तकनीकी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

    आधिकारिक बयान में कहा गया है कि जन सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हर खतरे को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा और भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की रोकथाम के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे। इस मामले की विस्तृत जांच पुलिस अधिकारी कर रहे हैं और आने वाले समय में इस मामले की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।

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