गाजियाबाद में कैश वैन लूट के दो इनामी बदमाश मुठभेड़ में ढेर, जुबैर-समीर पर था 1-1 लाख रुपये का इनाम

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    गाजियाबाद : Ghaziabad Encounter: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद पुलिस कमिश्नरेट ने एटीएम कैश वैन लूटकांड में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने दो इनामी बदमाशों को मुठभेड़ में मार गिराया, जिनकी पहचान जुबैर अहमद और समीर खान के रूप में हुई। दोनों आरोपियों पर एक-एक लाख रुपये का इनाम था और वे छह मई को हुई 27 लाख रुपये की सनसनीखेज लूटकांड में शामिल थे।

    मंगलवार देर रात वेव सिटी थाना क्षेत्र में हुई मुठभेड़ में तीन पुलिसकर्मी भी घायल हुए। पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में नकदी, हथियार और घटना से जुड़े कई महत्वपूर्ण सामान बरामद किए हैं। हालांकि, इस गिरोह के दो अन्य सदस्य अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए, जिनकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।

    डासना रोड पर की गई घेराबंदी

    पुलिस आयुक्त जे. रविंदर गौड़ ने बताया कि स्वाट टीम और वेव सिटी थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि कैश वैन लूट में शामिल बदमाश सिल्वर रंग की स्विफ्ट कार में घूम रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने डासना रोड पर घेराबंदी की। जब पुलिस ने संदिग्ध कार को रोकने का प्रयास किया तो बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। फिर पुलिस ने उनका पीछा किया। एक मोड़ पर उनकी गाड़ी अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गई, बावजूद इसके उन्होंने गोलियां चलानी जारी रखीं।

    मुठभेड़ में घायल हुए पुलिसकर्मी

    फायरिंग के दौरान स्वाट टीम प्रभारी अनिल राजपूत और वेव सिटी थाना प्रभारी मानवेंद्र सिंह की बुलेटप्रूफ जैकेट पर कई गोलियां लगीं, जिससे वे सुरक्षित रहे। मुख्य आरक्षी संदीप मलिक समेत तीन अन्य पुलिसकर्मी भी घायल हो गए। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की और इस दौरान जुबैर और समीर गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

    मुठभेड़ के बाद की गई भारी बरामदगी

    मुठभेड़ के बाद पुलिस ने घटनास्थल से नौ लाख दस हजार रुपये नकद बरामद किए। इसके अलावा बिना नंबर की स्विफ्ट कार, दो पिस्टल, दो तमंचे, कई कारतूस, बैग और सीसीटीवी डीवीआर भी पुलिस ने कब्जे में लिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह बरामदगी एटीएम कैश वैन लूट कांड से सीधे जुड़ी हुई है।

    6 मई को हुई थी 27 लाख रुपये की लूट

    6 मई को गाजियाबाद के क्रॉसिंग रिपब्लिक इलाके में ‘एवन इंडिया’ फाइनेंशियल कंपनी की कैश वैन में नकदी डालने के दौरान चार बदमाशों ने वारदात को अंजाम दिया था। वे ड्राइवर को बंधक बनाकर कैश वैन लेकर फरार हो गए थे। बदमाशों ने वारदात को करीब 20 मिनट में अंजाम दिया और करीब 10 किलोमीटर दूर जाकर 27 लाख रुपये कैश निकाल लिया। फिर कार को मसूरी थाना क्षेत्र के एक्सप्रेस-वे पर छोड़कर फरार हो गए। इस घटना ने सभी को सकते में डाल दिया था।

    पुलिस ने बनाई आठ टीमें, की गई कई गिरफ्तारियां

    इस घटना के बाद पुलिस कमिश्नर जे. रविंदर गौड़ ने फरार बदमाशों पर एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था और आठ टीमें बनाकर पीछा शुरू किया था। ये टीमें सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल सर्विलांस और मुखबिरों के जरिए अपराधियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही थीं। जांच के दौरान 11 मई को दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था, जिनके कब्जे से आठ लाख से ज्यादा नकदी, एक कार, तमंचा और कुल्हाड़ी बरामद हुई। इससे जुबैर और समीर के ठिकानों के बारे में पता चला, जिसके आधार पर हालिया मुठभेड़ हुई।

    अपराधिक इतिहास और गिरोह का दायरा

    पुलिस ने जांच में पाया कि जुबैर पेशे से कारपेंटर था जबकि समीर पैंठ बाजार में दुकान चलाता था। समीर गिरफ्तार आरोपी मोहम्मद कैफ का भाई है। गिरोह लंबे समय से कई आपराधिक गतिविधियों में लिप्त था। उन्होंने लूट की पूरी योजना पहले से बनाई थी और वारदात के बाद भागने के रास्ते अलग-अलग रखे थे।

    फरार बदमाशों की तलाश जारी

    पुलिस फिलहाल शोएब और फिरोज की तलाश में जुटी हुई है। गाजियाबाद पुलिस का दावा है कि जल्द ही पूरा गिरोह गिरफ्तार कर लूट की बाकी रकम बरामद कर ली जाएगी। मुठभेड़ के बाद पुलिस ने संगठित अपराध के खिलाफ अभियान और तेज करने का संकल्प लिया है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने में सफलता मिल सके।

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