प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में देश के सभी नागरिकों से आगामी जनगणना 2027 में सक्रिय भागीदारी करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया न केवल सरकार के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि हर नागरिक की बेहतर सेवा के लिए भी अहम भूमिका निभाती है।
प्रधानमंत्री ने आश्वासन दिया कि इस बार की जनगणना प्रक्रिया में डेटा की पूर्ण गोपनीयता और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि नागरिकों की व्यक्तिगत जानकारी सुरक्षा के दायरे में रखी जाएगी और इसे किसी भी अन्य उद्देश्य के लिए साझा नहीं किया जाएगा।
मोदी ने कहा कि देश के विकास के लिए सटीक और विश्वसनीय आंकड़ों का होना आवश्यक है, जिससे योजनाएं अधिक प्रभावी ढंग से बनाई जा सकें। उन्होंने सभी नागरिकों से अनुरोध किया कि वे अपने परिवार की पूरी जानकारी जनगणना के दौरान सही-सही दें, जिससे देश की तस्वीर साफ और सटीक बन सके।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने डिजिटल तकनीक के उपयोग को भी बढ़ावा दिया और बताया कि इस बार की जनगणना में डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल बढ़ाने से प्रक्रिया और भी सुगम और सुरक्षित होगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि जनता की भागीदारी से जनगणना 2027 एक सफल एवं आधुनिक प्रक्रिया के तौर पर याद रखी जाएगी।
प्रधानमंत्री मोदी की यह अपील यह दर्शाती है कि सरकार डेटा की गोपनीयता और नागरिकों की सहमति को लेकर गंभीर है। जनगणना के जरिए जुटाया गया डाटा देश की विकास नीतियों, योजना बनावट और संसाधन आवंटन में निर्णायक भूमिका निभाता है। इस दिशा में सरकार का प्रयास है कि हर वर्ग और क्षेत्र की सही तस्वीर सामने आए।
इस संदर्भ में विशेषज्ञ भी मानते हैं कि नागरिकों की भागीदारी और भरोसे के बिना जनगणना का लक्ष्य अधूरा रह सकता है। इसलिए प्रधानमंत्री ने संवाद के माध्यम से जनता का विश्वास हासिल करने की पहल की है। इस प्रकार की जनगणना से भारत की सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक संरचना का सही आंकलन संभव होगा।
अंत में, नरेंद्र मोदी ने सभी से अपील की है कि वे जनगणना 2027 को सफल बनाने में अपनी भूमिका निभाएं और इस ऐतिहासिक प्रक्रिया का हिस्सा बनें। उनकी यह पहल देश में एकजुटता और विकास की भावना को और मजबूत करेगी।

