लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री एवं कानपुर के प्रभारी मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कानपुर में अधिकारियों के साथ विकास कार्यों और कानून-व्यवस्था की समीक्षा करते हुए स्पष्ट किया कि जनसुविधाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी विभागों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि प्रत्येक कार्य को तय समय सीमा के अंदर पूर्ण किया जाए और सभी शिकायतों का त्वरित समाधान हो।
सरसैयाघाट स्थित नवीन सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने विशेष रूप से विद्युत व्यवस्था की कठिन निगरानी का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि प्रीपेड स्मार्ट मीटर से जुड़ी शिकायतों को एक सप्ताह के भीतर निपटाना अनिवार्य होगा ताकि उपभोक्ताओं को कोई असुविधा न हो। यदि आवश्यकता पड़ी तो उपभोक्ताओं को पोस्टपेड व्यवस्था में स्थानांतरित किया जाए। गर्मियों में बिजली की निर्बाध आपूर्ति को भी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। साथ ही लिकट ट्रांसफार्मरों को तुरंत बदलने और प्रत्येक उपकेंद्र पर स्थानीय शिकायत निस्तारण केंद्र स्थापित करने के भी आदेश दिए गए।
स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की दिशा में भी मंत्री ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने सरकारी चिकित्सकों की आउट पेशेंट डिपार्टमेंट (ओपीडी) उपस्थिति की नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। किसी भी सरकारी चिकित्सक द्वारा निजी प्रैक्टिस करने की सूचना मिलने पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया। कानून-व्यवस्था की समीक्षा में किरायेदार सत्यापन अनिवार्य करने, सभी मकान मालिकों को पुलिस वेरिफिकेशन कराने के दिशा-निर्देश भी जारी किए गए।
महिला सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मंत्री ने कहा कि गर्ल्स कॉलेज, छात्रावास और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस की सक्रिय उपस्थिति जरूरी है। उन्होंने एंटी रोमियो स्क्वायड को और प्रभावी बनाने और उनकी त्वरित कार्रवाई के साथ-साथ लंबित विवेचनाओं के शीघ्र निस्तारण पर विशेष जोर दिया। 2025 से पूर्व के सभी मामलों को प्राथमिकता देते हुए उन्हीं को निपटाने के निर्देश दिए गए। लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई का भी भरोसा दिलाया गया। इसके अलावा ड्रोन संचालकों के अनिवार्य सत्यापन की भी व्यवस्था करने को कहा गया।
नगर विकास कार्यों पर बात करते हुए मंत्री ने मैनावती मार्ग के सुदृढ़ीकरण को प्राथमिकता पर पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह परियोजना समयबद्ध और गुणवत्ता के मानकों के अनुसार पूरी की जानी चाहिए। कोई भी अनावश्यक देरी स्वीकार्य नहीं होगी। योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि कानपुर प्रदेश का एक प्रमुख औद्योगिक एवं शहरी केंद्र है, इसलिए अधिकारियों को कार्य में पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ काम करना होगा। किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर तत्काल सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिसका नियमित मॉनिटरिंग के जरिए पालन किया जाएगा।

