ऊर्जा सुरक्षा को प्राथमिकता दें ताकि विकास की गति बनी रहे: आरबीआई एमपीसी सदस्य

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    भारतीय आर्थिक विकास के लिए ऊर्जा सुरक्षा का महत्व पहले से कहीं अधिक बढ़ गया है। देश के आर्थिक प्रगति को निरंतर बनाए रखने के लिए ऊर्जा के स्थिर स्रोत सुनिश्चित करना आवश्यक है। इस संदर्भ में, औद्योगिक विकास अध्ययन संस्थान के निदेशक नागेश कुमार का मानना है कि भारत की ऊर्जा नीति में दो महत्वपूर्ण पहलुओं पर जोर दिया जाना चाहिए।

    नागेश कुमार ने कहा, “भारतीय दृष्टिकोण को घरेलू स्तर पर तेल अन्वेषण को बढ़ावा देने के साथ-साथ वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों की ओर तेजी से संक्रमण पर भी फोकस करना होगा।” उनका मत है कि यह संतुलित रणनीति न केवल ऊर्जा की आवश्यकताओं को पूरा करेगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्यों को भी सशक्त करेगी।

    देश की ऊर्जा जरूरतों को देखते हुए, तेल और गैस की घरेलू खोज एवं उत्पादन में तेजी लाना अत्यंत आवश्यक है। इससे न केवल ऊर्जा आयात पर निर्भरता कम होगी, बल्कि आर्थिक क्षेत्र में भी आत्मनिर्भरता बढ़ेगी। इसके साथ ही, नवीकरणीय ऊर्जा जैसे सौर, पवन और अन्य पर्यावरण अनुकूल स्रोतों को अपनाने की प्रक्रिया तेज करना होगा ताकि लंबे समय में ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

    विशेषज्ञों का कहना है कि कृषि, उद्योग और परिवहन जैसे प्रमुख क्षेत्रों में ऊर्जा की बढ़ती मांग को देखते हुए सरकार को सही नीतिगत फैसले लेने होंगे। इसके लिए ऊर्जा संरक्षण उपायों को प्रोत्साहित करना तथा नवीन तकनीकों में निवेश करना अनिवार्य है। नागेश कुमार ने यह भी सुझाव दिया कि नीति निर्माताओं को ऊर्जा उत्पादन और उपयोग के हर स्तर पर नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए उपयुक्त माहौल देना चाहिए।

    समय के साथ ऊर्जा के स्वरूप में बदलाव लाने की आवश्यकता भी बढ़ रही है। पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम कर हरित और सतत विकास को बढ़ावा देना देश के लिए एक महत्वपूर्ण चुनौति है। इसलिए, भारत के लिए यह आवश्यक है कि वह ऊर्जा सुरक्षा को अपनी राष्ट्रीय प्राथमिकता बनाए और घरेलू अन्वेषण के साथ-साथ वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों के विकास को समुचित प्रोत्साहन दे।

    इस समग्र रणनीति से न केवल आर्थिक विकास की रफ्तार बनी रहेगी, बल्कि भारत विश्व स्तर पर एक स्थायी और सुरक्षित ऊर्जा मॉडल के रूप में उभर सकता है। नागेश कुमार के विचार इस दिशा में दिए गए नीतिगत सुझावों के लिए महत्वपूर्ण मानदंड स्थापित करते हैं, जो भारतीय ऊर्जा क्षेत्र के भविष्य के लिए आधारशिला साबित होंगे।

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