कर्नाटक के गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने उन खबरों का खंडन किया है जिनमें कहा जा रहा था कि मैच पास विधायकों को दिए जाने के कारण आईपीएल फाइनल को अहमदाबाद स्थानांतरित किया गया। मंत्री ने स्पष्ट किया कि मैच के स्थान परिवर्तन के पीछे ऐसी कोई वजह नहीं है।
परमेश्वर ने मीडिया से बातचीत में कहा कि यह निर्णय व्यावसायिक और संगठनात्मक जरूरतों को ध्यान में रखकर लिया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि मैच के पास विभिन्न हितधारकों और प्रशासकों को दिए गए हैं, जो कि आम तौर पर ऐसी बड़ी खेल प्रतियोगिताओं में होते हैं, और इसका स्थानांतरण से कोई संबंध नहीं है।
हालांकि मीडिया में यह बात उड़ी थी कि कर्नाटक विधानसभा के कुछ विधायकों को मैच देखने के लिए पास दिए जाने के विरोध में यह फैसला लिया गया, लेकिन मंत्री ने इसे पूरी तरह से अफवाह बताया और कहा कि वे इस प्रकार की अटकलें खेल आयोजन की भावना के खिलाफ हैं।
बता दें कि आईपीएल फाइनल का स्थान अहमदाबाद शिफ्ट करने का निर्णय इससे पहले बीसीसीआई ने सार्वजनिक रूप से किया था, जिसके पीछे मुख्य वजह व्यावसायिक अवसर और मैच के बेहतर आयोजन को सुनिश्चित करना बताया गया था। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम का आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और दर्शकों की बड़ी संख्या इसे मंच के लिए उपयुक्त बनाती है।
मंत्री ने कहा कि कर्नाटक सरकार और बीसीसीआई के बीच मैच पास वितरण को लेकर कोई असहमति नहीं है। सभी निर्णय पारदर्शी तरीके से लिए जा रहे हैं और किसी भी सरकारी अधिकारी को अनुचित लाभ नहीं दिया गया है।
इस घटनाक्रम के बाद कुछ राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा जरूर हुई, लेकिन विश्वास जताया जा रहा है कि आगामी मैच में सभी हितधारक न्यायसंगत और निष्पक्ष व्यवहार की उम्मीद रखेंगे। आईपीएल जैसी टूनामेंट सफलता के लिए शुद्ध खेल एवं प्रशंसकों की सहभागिता जरूरी है।
अंत में, कर्नाटक गृह मंत्री ने प्रशंसकों से अपील की कि वे खेल को राजनीतिक रंग न दें और खिलाड़ियों तथा आयोजन समिति के काम को सम्मान दें। साथ ही उन्होंने बीसीसीआई से भी आग्रह किया कि वे मैच पास वितरण के नियम और प्रक्रियाओं को और अधिक स्पष्ट रूप से जनता के सामने रखें, ताकि भविष्य में ऐसी गलतफहमियां न हों।
इस तरह, आईपीएल का फाइनल मैच जहां एक ओर क्रिकेट प्रेमियों के लिए उत्साह और आनंद का मौका है, वहीं दूसरी ओर इसे पूरी निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ आयोजित करना सभी की जिम्मेदारी है।

