इजरायल और लेबनान के बीच युद्धविराम को 45 दिनों के लिए बढ़ाने पर सहमति बनी है। यह निर्णय दो दिनों की “उत्पादक” वार्ता के बाद आया है, जिसे अमेरिकी राज्य विभाग के प्रवक्ता टोमी पिगॉट ने साझा किया। इस बढ़ोतरी के बाद दोनों पक्षों के बीच 2 और 3 जून को नई वार्ता आयोजित की जाएगी।
वार्ता का उद्देश्य मध्यपूर्व क्षेत्र में शांति बनाए रखने और चल रहे तनाव को कम करना है। टोमी पिगॉट ने बताया कि दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने वार्ता के दौरान महत्वपूर्ण प्रगति की है और नवीनतम समझौता न केवल संघर्ष विराम को सुनिश्चित करता है, बल्कि भविष्य की बातचीत के लिए एक नई नींव भी रखता है।
इस पहल को अमेरिका समेत अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने स्वागत किया है। पिछले कुछ महीनों में इजरायल और लेबनान के बीच तनाव काफी बढ़ा था, जिसके कारण क्षेत्र में शांति खतरे में थी। इस समझौते से न केवल स्थानीय लोगों को राहत मिलेगी, बल्कि यह पूरे क्षेत्र के लिए स्थिरता का संकेत भी माना जा रहा है।
लेबनान के अधिकारियों ने युद्धविराम की अवधि बढ़ाने को एक सकारात्मक कदम बताया है। उनका मानना है कि इससे दोनों देशों के बीच संवाद कायम रहेगा और मसलों को शांति से हल करने की प्रक्रिया तेज होगी। वहीं, इजरायल की सरकार ने भी इस समझौते को क्षेत्रीय सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण बताया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि दोनों देशों के बीच चल रही यह वार्ता क्षेत्रीय संकटों को कम करने में सहायक हो सकती है। आगामी 2 और 3 जून को होने वाली वार्ता को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इसमें विवादित मुद्दों पर विस्तार से चर्चा होगी।
निरंतर संवाद और समझौता ही इस क्षेत्र के लिए स्थायी शांति की कुंजी मानी जा रही है। अमेरिका की मध्यस्थता और समर्थन से इस प्रक्रिया को बल मिला है, जो भविष्य में भी जारी रहने की उम्मीद है।

