कर्नाटक होटल एसोसिएशन ने वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर पर जीएसटी दर 5% करने की मांग की

Rashtrabaan

    वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडरों की कीमत में शुक्रवार को ₹993 प्रति 19- किलो सिलेंडर की सबसे बड़ी वृद्धि के बाद कर्नाटक होटल एसोसिएशन ने सरकार से जीएसटी दर को केवल 5% तक घटाने की मांग की है। इस बढ़ोतरी से होटल और रेस्टोरेंट उद्योग में भारी दबाव पैदा हो गया है क्योंकि वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर उनके लिए आवश्यक ईंधन स्रोत है।

    कर्नाटक होटल एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि इस अप्रत्याशित और भारी मूल्यवृद्धि से होटल व्यवसाय की लागत में तेज़ी से वृद्धि हुई है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है। साथ ही इस वृद्धि का असर खाद्य पदार्थों की कीमतों पर पड़ेगा, जिससे आम जनता को भी महंगाई का सामना करना पड़ सकता है।

    असाधारण मूल्य वृद्धि ने होटल उद्योग की समस्याओं को और बढ़ा दिया है क्योंकि वे पहले से ही अन्य विभिन्न लागतों में वृद्धि का सामना कर रहे हैं। कर्नाटक होटल एसोसिएशन ने अनुरोध किया है कि सरकार तत्काल कदम उठाकर वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडरों पर जीएसटी दर को संशोधित करे ताकि उन्हें राहत मिल सके। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि इस तरह की मूल्यवृद्धि को नियंत्रित करने के लिए दीर्घकालिक उपायों की भी योजना बनाई जाए।

    बढ़ती कीमतों के कारण कई छोटे और मध्यम होटल मालिक आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। कुछ तो अपनी सेवाओं में कटौती करने या बंद करने की नौबत तक पहुंच गए हैं। इस स्थिति में वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर पर टैक्स में कटौती से उद्योग को स्थिरता और विकास के रास्ते पर ले जाने में मदद मिल सकती है।

    समाज के इस महत्वपूर्ण हिस्से के हितों का ध्यान रखते हुए सरकार से कर्नाटक होटल एसोसिएशन ने आग्रह किया है कि वे इस मांग पर गंभीरता से विचार करें और जल्द से जल्द नीति में आवश्यक संशोधन करें ताकि होटल उद्योग के सामने आ रही चुनौतियाँ कम हो सकें और वे सामान्य रूप से संचालन जारी रख सकें।

    इस तरह की मूल्य वृधि ने पूरे खाद्य सेवा क्षेत्र में चिंता बढ़ा दी है, जो सीधे तौर पर उपभोक्ताओं तक महंगाई के रूप में पहुंचती है। विशेषज्ञ भी बताते हैं कि अगर समय रहते इस मुद्दे पर उचित कदम नहीं उठाए गए, तो इसका व्यापक आर्थिक प्रभाव पड़ सकता है।

    कर्नाटक होटल एसोसिएशन की यह मांग न केवल उद्योग हितों की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण है बल्कि इससे उपभोक्ताओं को भी राहत मिलेगी। होटल व्यवसाय में आत्मनिर्भरता और प्रतिस्पर्धा बनी रहे इसके लिए सरकार और उद्योग के बीच सामंजस्य आवश्यक है।

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