जबलपुर। ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में नया मोड़ तब आया जब मुख्य आरोपी समर्थ सिंह जबलपुर जिला न्यायालय पहुंचे और वहाँ से हिरासत में ले लिए गए। समर्थ सिंह के वकील जयदीप कौरव ने बताया कि समर्थ सिंह की ओर से पहले उच्च न्यायालय में अग्रिम जमानत याचिका दायर की गई थी, जिसे बाद में वापस ले लिया गया। इसके साथ ही समर्थ सिंह ने खुद न्यायालय में सरेंडर करने का निर्णय लिया।
वकील जयदीप कौरव ने बताया कि जब समर्थ सिंह जबलपुर जिला न्यायालय पहुंचे, तब कोर्ट का समय समाप्त हो चुका था, इसलिए उन्होंने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। जबलपुर पुलिस ने समर्थ सिंह को हिरासत में लेकर भोपाल पुलिस को सौंप दिया है। यह कदम पीड़िता ट्विशा शर्मा के मामले में आगे की जांच के दौरान पुलिस की सुविधा के लिए उठाया गया है।
जयदीप कौरव ने कहा, “समर्थ सिंह के जबलपुर पहुंचने का कारण मुझे स्पष्ट नहीं है। सम्भावना है कि उन्हें यह जानकारी सही ढंग से नहीं थी कि आत्मसमर्पण भोपाल में करना है, इसलिए वे जबलपुर पहुंच गए।” उन्होंने आगे बताया कि वर्तमान में समर्थ सिंह भोपाल पुलिस की कस्टडी में हैं और उन्हें पुलिस जांच के लिए भोपाल ले जाया गया है।
समर्थ सिंह की हिरासत में मौजूदगी का यह घटनाक्रम ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है। पुलिस मामले की पूरी जांच कर रही है और अंतिम रिपोर्ट के बाद स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। जबलपुर पुलिस के अनुसार समर्थ सिंह करीब साढ़े चार बजे न्यायालय पहुंचे लेकिन कोर्ट का समय खत्म हो चुका था, जिसके कारण उन्हें पुलिस कस्टडी में सौंप दिया गया।
अदालत परिसर में समर्थ सिंह की पहचान छिपाने के लिए चश्मा, मास्क और टोपी पहने देखा गया। जब पत्रकारों ने उनसे ट्विशा शर्मा की मौत, दहेज प्रताड़ना और आरोपों पर सवाल किए तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया और पूरी तरह से चुप्पी साधे रहे।
यह मामला ट्विशा शर्मा की मौत के कारण सुर्खियों में बना हुआ है और समर्थ सिंह के सरेंडर और हिरासत में जाने से जांच में नई क्रांति आने की उम्मीद जताई जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि जांच पूरी होने के बाद ही केस में आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।

