लौह पुरुष की 150वीं जयंती पर छात्रों ने जाना पुलिस का अनुशासन, कंट्रोल रूम और पुलिस लाइन का किया भ्रमण

Rashtrabaan

सिवनी, राष्ट्रबाण। भारत रत्न, लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती पर सोमवार को पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार जिले में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस कड़ी में नेताजी सुभाषचंद्र बोस शासकीय हायर सेकंडरी स्कूल के छात्रों ने कंट्रोल रूम और पुलिस लाइन का भ्रमण किया। इस दौरान छात्रों ने पुलिस की कार्यशैली, अनुशासन, तकनीकी प्रणाली और जनसेवा के पहलुओं को करीब से समझा। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में देशभक्ति, अनुशासन और पुलिस सेवा के प्रति जागरूकता पैदा करना था।

लौह पुरुष की प्रेरणा से आधुनिक पुलिसिंग तक

भ्रमण के दौरान कंट्रोल रूम प्रभारी निरीक्षक ओमेश्वर ठाकरे ने छात्रों को संबोधित किया। उन्होंने सरदार वल्लभभाई पटेल के योगदान को याद करते हुए बताया कि किस तरह लौह पुरुष ने स्वतंत्र भारत की अखंडता को बनाए रखने के लिए रियासतों का विलय किया और राष्ट्रीय एकता की नींव रखी। साथ ही उन्होंने समझाया कि स्वतंत्र भारत में पुलिस सेवा का मूल उद्देश्य सिर्फ कानून-व्यवस्था बनाए रखना ही नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग की रक्षा और जनकल्याण के लिए समर्पित रहना है। उन्होंने छात्रों को यह भी बताया कि समय के साथ पुलिसिंग की जिम्मेदारियां कैसे बदली हैं, परंपरागत गश्त से लेकर आज की साइबर पुलिसिंग तक। इंटरनेट और डिजिटल अपराधों के बढ़ते खतरे के बीच साइबर पुलिस की भूमिका को उन्होंने विस्तार से समझाया।

डॉयल 112 और सीसीटीवी सर्विलांस की जानकारी

कार्यक्रम में छात्रों को डॉयल 112 सेवा के बारे में विस्तार से बताया गया। यह सेवा आपात स्थिति में त्वरित सहायता के लिए शुरू की गई है, जिससे आम नागरिक कुछ ही मिनटों में पुलिस से संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा सीसीटीवी सर्विलांस सिस्टम की जानकारी दी गई, जो शहर की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करता है। स्टूडेंट दिशा लर्निंग पोर्टल और क्वार्टर गार्ड की कार्यप्रणाली भी छात्रों के सामने प्रस्तुत की गई। इन जानकारियों ने छात्रों को यह समझने का मौका दिया कि आधुनिक पुलिसिंग में तकनीक का कितना बड़ा योगदान है।

अनुशासन और कैरियर गाइडेंस

भ्रमण के दौरान सूबेदार जितेंद्र रावतकर और सूबेदार शशिकला बहेटवार ने छात्रों को पुलिस सेवा और अन्य यूनिफार्म सर्विसेज में कैरियर बनाने के लिए मार्गदर्शन दिया। उन्होंने समझाया कि अनुशासन, मेहनत और नियमित अध्ययन से छात्र न केवल सफल हो सकते हैं, बल्कि देश सेवा का गौरव भी प्राप्त कर सकते हैं। दोनों अधिकारियों ने छात्रों को मोटिवेट करते हुए कहा कि पुलिस सेवा केवल नौकरी नहीं बल्कि देश और समाज के प्रति कर्तव्य निभाने का माध्यम है।

साइबर और ट्रैफिक सुरक्षा की जानकारी

आज के दौर में साइबर अपराध सबसे बड़ी चुनौती बनकर उभर रहे हैं। छात्रों को साइबर सुरक्षा से जुड़ी बुनियादी जानकारी दी गई, ताकि वे स्वयं सुरक्षित रह सकें और दूसरों को भी जागरूक कर सकें। इसी तरह ट्रैफिक सेफ्टी की जानकारी दी गई और छात्रों से अपील की गई कि वे यातायात नियमों का पालन कर समाज में जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाएं।

शिक्षकों की उपस्थिति और छात्रों का उत्साह

इस अवसर पर नेताजी सुभाषचंद्र बोस शासकीय हायर सेकंडरी स्कूल की शिक्षिका शिखा पटले और शिक्षक डीपी शिववेदी भी मौजूद रहे। उन्होंने छात्रों के उत्साह की सराहना की और कहा कि ऐसे शैक्षणिक भ्रमण छात्रों को किताबों से बाहर निकलकर वास्तविक जीवन के अनुभवों से जोड़ते हैं। भ्रमण में शामिल छात्रों ने पुलिस विभाग के कार्य और तकनीकी व्यवस्थाओं को देखकर उत्साह व्यक्त किया और कहा कि इस अनुभव से उनमें अनुशासन और देशभक्ति की भावना और मजबूत हुई है।

एकता और सेवा का संदेश

कार्यक्रम का समापन सरदार पटेल की प्रेरणा को याद करते हुए किया गया। छात्रों ने संकल्प लिया कि वे अपने जीवन में अनुशासन, मेहनत और देश सेवा को सर्वोपरि रखेंगे। पुलिस अधिकारियों और शिक्षकों ने उम्मीद जताई कि ऐसे कार्यक्रमों से नई पीढ़ी न केवल बेहतर नागरिक बनेगी बल्कि राष्ट्र निर्माण में भी सक्रिय योगदान करेगी।

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