आरा, राष्ट्रबाण: बिहार के भोजपुर जिले में चल रही सियासी हलचल के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक अनोखा कदम उठाया, जिसने सबका ध्यान खींचा। ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के दौरान राहुल ने एक BJP कार्यकर्ता को टॉफी देकर सभी को हैरान कर दिया। यह पल तब आया, जब BJP कार्यकर्ता यात्रा के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। राहुल का यह इशारा न केवल सियासी तनाव को हल्का करने की कोशिश थी, बल्कि यह बिहार की सड़कों पर एक अलग तरह की राजनीति का प्रतीक बन गया। यह घटना सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बनी।
यात्रा में तनाव और टॉफी का पल
राहुल गांधी की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ बिहार में 17 अगस्त से शुरू हुई थी, जो 1 सितंबर को पटना में समाप्त होगी। इस यात्रा का मकसद मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ जागरूकता फैलाना है। भोजपुर के आरा में यात्रा के दौरान BJP कार्यकर्ताओं ने राहुल के काफिले का विरोध किया और नारेबाजी शुरू कर दी। इस बीच, राहुल ने अपनी गाड़ी से उतरकर एक कार्यकर्ता को टॉफी दी। यह छोटा-सा इशारा सियासी तनाव के बीच एक अनोखा संदेश दे गया। स्थानीय लोगों ने इसकी तारीफ की, लेकिन कुछ ने इसे महज नाटक बताया।
BJP का विरोध और राहुल का जवाब
BJP ने इस यात्रा को ‘घुसपैठिया बचाओ यात्रा’ करार देते हुए तीखा हमला बोला। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राहुल से माफी मांगने की मांग की, क्योंकि यात्रा के दौरान दरभंगा में PM नरेंद्र मोदी और उनकी दिवंगत माँ के खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल हुआ था। राहुल ने जवाब में कहा कि सत्य और अहिंसा के सामने हिंसा टिक नहीं सकती। टॉफी वाला यह पल राहुल के इस बयान को और बल देता है, जहाँ उन्होंने तनाव को शांत करने की कोशिश की।
सियासत में नया रंग
राहुल का यह कदम बिहार की सियासत में एक नया रंग लाया। ‘वोटर अधिकार यात्रा’ में राहुल ने BJP और RSS पर मतदाता सूची में हेरफेर का आरोप लगाया, जिसे BJP ने खारिज किया। इस बीच, टॉफी देने की घटना ने उनके सॉफ्ट डिप्लोमेसी के अंदाज़ को दिखाया। स्थानीय निवासी रमेश यादव ने कहा कि यह छोटा-सा कदम राजनीति में नफरत को कम करने की कोशिश है। लेकिन BJP नेताओं ने इसे दिखावा करार दिया, जिसमें बिहार के मंत्री नितिन नवीन ने कहा कि जनता इसका जवाब देगी।
यह घटना बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले सियासी माहौल को और गर्म कर सकती है। राहुल की यात्रा को महागठबंधन का समर्थन है, जिसमें RJD नेता तेजस्वी यादव भी शामिल हैं। इस बीच, टॉफी वाला पल सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जहाँ कुछ लोग इसे मानवता का प्रतीक बता रहे हैं, तो कुछ इसे सियासी नाटक कह रहे हैं। यह घटना बिहार की सड़कों पर सियासत के बदलते रंग को दिखाती है।
Read also: मायावती ने भतीजे आकाश आनंद को बनाया BSP का राष्ट्रीय संयोजक