इंदौर की श्रद्धा तिवारी की गुमशुदगी का सिनेमाई अंत, प्रेमी की जगह पति के साथ लौटीं

Rahul Maurya

इंदौर की 22 वर्षीय श्रद्धा तिवारी की गुमशुदगी की कहानी ने सात दिन बाद एक फिल्मी मोड़ ले लिया। 23 अगस्त को घर से गायब होने वाली श्रद्धा शुक्रवार को अचानक एमआईजी थाने में एक युवक करण योगी के साथ पहुंचीं, जिसे उन्होंने अपना पति बताया। यह खुलासा तब हुआ, जब श्रद्धा अपने प्रेमी सार्थक गहलोत से मिलने निकली थीं, लेकिन उनके न मिलने पर करण से शादी कर ली। इस घटना ने परिवार, पुलिस और शहर को हैरानी में डाल दिया।

प्रेम की उलझन में गुमशुदगी

श्रद्धा तिवारी, जो गुजराती कॉलेज में बीबीए की छात्रा हैं, 23 अगस्त को बिना किसी को बताए घर से निकल गई थीं। उन्होंने अपना मोबाइल भी घर पर छोड़ दिया, जिससे उनकी तलाश और मुश्किल हो गई थी। परिवार ने उनकी गुमशुदगी की शिकायत दर्ज की और 51,000 रुपये के इनाम की घोषणा की। सीसीटीवी फुटेज में श्रद्धा को लाल टी-शर्ट और जींस में लोटस चौराहे के पास देखा गया था। पुलिस को शुरू में शक था कि वह अपने प्रेमी सार्थक से मिलने गई थीं, जिसके साथ उनके परिवार को आपत्ति थी।

रेलवे स्टेशन पर ट्विस्ट

पुलिस की जांच में पता चला कि श्रद्धा तिवारी सार्थक से मिलने रेलवे स्टेशन गई थीं। लेकिन जब सार्थक वहां नहीं पहुंचा, तो वह गुस्से में रतलाम के लिए ट्रेन में चढ़ गईं। रास्ते में उनकी मुलाकात करण योगी से हुई, जो पहले से परिचित थे और गुजराती कॉलेज में इलेक्ट्रीशियन थे। श्रद्धा ने बताया कि वह निराशा में आत्महत्या करने वाली थीं, लेकिन करण ने उन्हें रोक लिया। इसके बाद दोनों ने मंदसौर के एक मंदिर में शादी कर ली।

परिवार का गुस्सा, पुलिस की जांच

श्रद्धा के पिता अनिल तिवारी इस अचानक शादी से नाराज़ हैं। उन्होंने दावा किया कि उनकी बेटी को “फंसाया” गया है और पुलिस से 10 दिन तक श्रद्धा को महिला थाने की कस्टडी में रखकर जांच करने की मांग की। अनिल ने कहा कि अगर श्रद्धा 10 दिन बाद भी करण से शादी की बात कहती हैं, तो वह धूमधाम से शादी करवाएंगे। पुलिस ने इस मामले को बंद कर दिया है, लेकिन अतिरिक्त डीसीपी अमरेंद्र सिंह ने कहा कि कुछ सवालों के जवाब के लिए पूछताछ जारी है।

इंदौर में सनसनी

श्रद्धा की गुमशुदगी ने इंदौर में हड़कंप मचा दिया था। परिवार ने उनकी तस्वीर उल्टा लटकाकर पारंपरिक रीति से उनकी वापसी की प्रार्थना की थी। श्रद्धा की वापसी ने राहत तो दी, लेकिन उनके इस फैसले ने शहर में चर्चा का माहौल बना दिया है। यह कहानी प्यार, गुस्सा और अप्रत्याशित फैसलों की एक मिसाल बन गई है।

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