मध्य प्रदेश के पिछोर से बीजेपी विधायक प्रीतम लोधी की राजनीतिक मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। हाल ही में सामने आए विवादित बयान और उनके कथित व्यवहार को लेकर पार्टी ने सख्त रुख अपनाते हुए प्रीतम लोधी को शो कॉज नोटिस जारी किया है। इस नोटिस में विधायक से तीन दिन के अंदर स्थिति स्पष्ट करने और जवाब देने को कहा गया है। पार्टी ने स्पष्ट किया है कि एसडीओपी को लेकर दिए गए उनके बयान और धमकी पार्टी की छवि के खिलाफ हैं और ऐसी भाषा किसी भी जनप्रतिनिधि के लिए स्वीकार्य नहीं है।
यह मामला उस समय तेज हुआ जब प्रीतम लोधी ने एक एसडीओपी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की और कथित तौर पर उनके घर पर गोबर फेंकने की धमकी दी। इस विवाद ने राजनीतिक माहौल को और गरमाया तथा विपक्ष ने भी इस घटना को लेकर भाजपा पर तीखा हमला किया। विपक्ष ने विधायक के व्यवहार को अनुचित और गैर जिम्मेदाराना बताया और इसे राजनीतिक सड़ांध की मिसाल करार दिया।
बेटे के एक्सीडेंट को लेकर विवाद और बढ़ा
विधायक के बेटे दिनेश लोधी पर गंभीर आरोप लगे हैं कि उन्होंने अपनी गाड़ी से तेज रफ्तार में 5 लोगों को टक्कर मार दी। इस घटना के बाद पुलिस द्वारा कार्रवाई की गई, लेकिन विधायक ने जांच प्रक्रिया और पुलिस की कार्यवाही पर सवाल उठाए। वे एसडीओपी के खिलाफ न सिर्फ कड़े बयान दे रहे थे, बल्कि उनके खिलाफ धमकी भी दे दी गई। इस पूरे मामले ने विवाद की दिशा और गंभीर बना दी।
बीजेपी ने अनुशासनहीनता को माना गंभीर, मांगा औपचारिक जवाब
बीजेपी के वरिष्ठ नेतृत्व ने इस मामले को अनुशासनहीनता माना और विधायक से कारण बताओ नोटिस जारी किया। पार्टी ने कहा है कि किसी भी जनप्रतिनिधि के लिए इस तरह की धमकी और विवादित बयानबाजी पार्टी की छवि खराब करने वाली होती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जवाब मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि विधायक प्रीतम लोधी का जवाब संतोषजनक नहीं होता है तो पार्टी शायद और सख्त कदम उठा सकती है, जिसमें निलंबन या पार्टी से बाहर करने जैसे विकल्प भी मौजूद हैं।
बताया जा रहा है कि विधायक के बेटे दिनेश लोधी ने 17 अप्रैल को तेज गति से अपनी थार गाड़ी चलाते हुए बाइक सवार तीन युवकों और स्कूल जा रही दो छात्राओं को टक्कर मार दी थी। इस हादसे में सभी घायल हो गए, लेकिन किसी को जानमाल का नुकसान नहीं हुआ। हादसे के बाद विधायक ने पुलिस की जांच से असंतोष जताते हुए एसपी और एसडीओपी के खिलाफ आरोप लगाते हुए धमकी भरे बयान दिए।
यह पूरा घटनाक्रम अब राजनीतिक चर्चा का विषय बना हुआ है और आगामी दिनों में भाजपा के फैसले पर सभी की नजर होगी कि वह विवाद से निपटने के लिए क्या कदम उठाती है। फिलहाल पार्टी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सख्त कार्रवाई का एलान किया है, जिससे यह साफ है कि अनुशासन और जवाबदेही के मामले में कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी।

