छत्तीसगढ़: कांग्रेस नेता के घर घुस नकाबपोश बदमाशों ने किया फायरिंग, एक बेटे की मौत, दूसरे की हालत गंभीर

Rashtrabaan

    जांजगीर-चांपा: छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के बिर्रा थाना क्षेत्र के करही गांव में गुरुवार देर रात एक सनसनीखेज वारदात हुई, जिसमें कांग्रेस नेता और पूर्व ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष सम्मेलाल कश्यप के बड़े बेटे आयुष कश्यप की अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी। वहीं, उनके छोटे बेटे आशुतोष कश्यप को भी गोली लगी है, जिसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। इस पूरे घटनाक्रम ने पूरे गांव में घबराहट और भय का माहौल पैदा कर दिया है।

    घर में घुसकर की गई फायरिंग

    सूत्रों के अनुसार, रात करीब 12:30 बजे तीन नकाबपोश बदमाश सम्मेलाल कश्यप के निवास स्थान पर घुसे। उस वक्त परिवार के अधिकांश सदस्य सो रहे थे। अचानक बदमाशों ने बिना कोई चेतावनी दिए फायरिंग शुरू कर दी, जिससे परिवार के सदस्य घबरा गए। गोली की कार्रवाई में बड़े बेटे आयुष को दो गहरे घाव लगे, जिससे उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। छोटा बेटा आशुतोष भी गंभीर रूप से घायल हुआ और उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

    घायल बेटे ने दिया विस्तृत बयान

    आशुतोष कश्यप ने पुलिस को बताया कि आयुष रात करीब 11 बजे जांजगीर से घर वापस आया था। आयुष शटर बंद करना भूल गया था। उसी समय उसकी मां का फोन आया। जैसे ही आयुष फोन उठाने के लिए आगे बढ़ा, तब तीन नकाबपोश अपराधियों ने उस पर गोली चला दी। इस अचानक हुए हमले ने परिवार को संभलने का मौका तक नहीं दिया।

    प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो…

    मृतक आयुष की बहन प्रेरणा कश्यप ने बताया कि हमलावरों के चेहरे नकाब से ढके हुए थे और उनकी नजरें सिर्फ आयुष पर थीं। उन्होंने बताया कि हमलावरों ने पहले आयुष पर गोलियां चलाईं, फिर आशुतोष को निशाना बनाया। प्रेरणा ने यह भी कहा कि लगभग एक सप्ताह पूर्व कुछ अज्ञात युवक गांव में आए थे और आयुष के बारे में पूछताछ कर रहे थे, जिससे पुलिस ने इस मामले को और गंभीरता से लेना शुरू कर दिया है।

    परिवार के सदस्यों को कमरे में बंद किया गया

    मौके पर मौजूद लोगों ने पुलिस को बताया कि अपराधियों ने घर के अन्य सदस्यों को उनके-उनके कमरों में बाहर से बंद कर दिया था। इससे कोई भी तुरंत बचाव के लिए बाहर नहीं आ सका और हमलावर आसानी से वारदात को अंजाम देने के बाद फरार हो गए।

    रेत कारोबार से जुड़ी आशंका

    सम्मेलाल कश्यप ने मीडिया को बताया कि वे इस वारदात को रेत कारोबार से जुड़ी आपसी विवाद का नतीजा मानते हैं। उन्होंने कहा कि इस इलाके में अवैध रेत खनन के कारण कई संघर्ष चल रहे हैं, जिसमें उनका परिवार भी उलझा हुआ है। उन्होंने कहा कि आयुष भी इस व्यवसाय में कुछ दिन पहले सक्रिय हुआ था, जिससे कुछ लोगों को परेशानी हुई और संभव है कि उनकी हत्या इसी वजह से की गई हो। उन्होंने लूटपाट की कोई बात स्वीकार नहीं की।

    पुलिस की जांच जारी

    पुलिस ने घटना की जानकारी मिलने के बाद तत्काल प्रभारी पुलिस अधीक्षक निवेदिता पाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश कश्यप, साइबर और फॉरेंसिक टीम को मौके पर भेजा। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाली और साक्ष्य संकलित किए। मामले में प्राथमिकी दर्ज कर आरोपी खोजने के लिए विशेष टीम गठित की गई है। पुलिस ने कहा है कि सभी संभावनाओं पर जांच चल रही है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।

    जनप्रतिनिधियों ने जताई संवेदना

    जिले के स्थानीय विधायक ब्यास कश्यप और जैजैपुर विधायक बालेश्वर साहू जिला अस्पताल पहुंचकर घायल आशुतोष की स्थिति जानी और परिवार को हरसंभव मदद के आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि ऐसी हिंसक वारदातें पूरी तरह अस्वीकार्य हैं और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने निष्पक्ष और शीघ्र जांच की मांग की है।

    गांव में बढ़ती हिंसक घटनाएं

    करही गांव में यह हत्या की चौथी गंभीर घटना बताई जा रही है। पिछले कुछ महीनों में यहां अवैध रेत खनन, विवाद और अन्य आपराधिक घटनाओं की संख्या बढ़ी है। यह स्थिति स्थानीय लोगों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है और उन्होंने प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। इस हमले ने क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की स्थिरता पर प्रश्नचिन्ह लगा दिया है।

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