प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में देश की पवन ऊर्जा क्षेत्र की उपलब्धियों पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि भारत ने पवन ऊर्जा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर हासिल कर लिया है। उन्होंने बताया कि अब देश की पवन ऊर्जा उत्पादन क्षमता 56 गीगावॉट तक पहुंच गई है, जो स्वच्छ और हरित ऊर्जा के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि है।
प्रधानमंत्री ने इस मौके पर बिजली की बचत करने और स्वच्छ ऊर्जा को अपनाने की भी जोरदार अपील की। उन्होंने कहा कि केवल उत्पादन बढ़ाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि हमें ऊर्जा के विवेकपूर्ण उपयोग को भी अपनी प्राथमिकता बनाना होगा। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार देश में ऊर्जा संरक्षण के लिए कई अभियान चला रही है और आम जनता का सहयोग इस प्रयास को सफल बनाने के लिए अत्यंत आवश्यक है।
पीएम मोदी ने कहा, “हम सब मिलकर बिजली बचाने के उपाय अपनाएं और स्वच्छ ऊर्जा की ओर कदम बढ़ाएं। देश का भविष्य स्वच्छ ऊर्जा में ही निहित है।” उन्होंने कहा कि पवन ऊर्जा जैसे नवीकरणीय स्रोतों का विकास न केवल पर्यावरण को स्वस्थ रखता है बल्कि आर्थिक विकास में भी सहायक होता है।
भारत ने पिछले कुछ वर्षों में पवन ऊर्जा उत्पादन क्षमता में जबरदस्त वृद्धि की है। विभिन्न राज्यों में पवन ऊर्जा परियोजनाओं का विस्तार होने से न केवल ऊर्जा संकट में कमी आई है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर भी बढ़े हैं। इससे स्थानीय आर्थिक विकास को बल मिला है। भारत की पवन ऊर्जा नीति तथा सरकारी सहयोग ने इस क्षेत्र को विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने में अहम भूमिका निभाई है।
प्रधानमंत्री के इस संदेश से यह स्पष्ट होता है कि ऊर्जा संरक्षण और स्वच्छ ऊर्जा अपनाना राष्ट्रीय एजेंडा का अहम हिस्सा है। सरकार ने विभिन्न योजनाओं के माध्यम से नवीकरणीय ऊर्जा के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए अनेक निवेश और प्रोत्साहन की व्यवस्था की है। साथ ही, आम नागरिकों को जागरूक करके ऊर्जा की बचत के प्रति उनकी जिम्मेदारी को भी समझाया जा रहा है।
इस तरह, भारत पवन ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी बनते हुए पर्यावरण संरक्षण तथा सतत विकास के लक्ष्यों की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है। देशभर में नवीकरणीय ऊर्जा से जुड़ी विभिन्न पहलें और नई तकनीकें अपनाई जा रही हैं, जिससे निश्चित ही आने वाले वर्षों में भारत की ऊर्जा क्षमता और भी अधिक मजबूत बनेगी। प्रधानमंत्री मोदी का यह संकल्प है कि भारत स्वच्छ ऊर्जा का वैश्विक केन्द्र बने और हर भारतीय को स्वच्छ, सस्ती और सुरक्षित ऊर्जा उपलब्ध हो सके।

