मणिपुर के जोमी समुदाय के नेता भाजपा के पूर्व विधायक वाल्टे के अंतिम संस्कार को लेकर सख्त रुख अपनाए हुए हैं। वाल्टे 4 मई 2023 को इंफाल में एक भीड़ द्वारा बुरी तरह से घायल किए गए थे, जिनकी चोटें इतनी गंभीर थीं कि अंततः फरवरी 2026 में उनकी मृत्यु हो गई। इसके बाद उनके परिवार ने आरोपियों की गिरफ्तारी न होने तक अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया।
वाल्टे की मौत के बाद उनका परिवार न्याय की मांग को लेकर सख्त प्रतिबद्ध है। परिवार के सदस्यों का कहना है कि जब तक उन लोगों को गिरफ्तार नहीं किया जाता जो इस अत्यंत क्रूर हमले के जिम्मेदार हैं, तब तक वे उनके अंतिम संस्कार की रस्म पूरी नहीं करेंगे। इस मांग को लेकर मणिपुर के जोमी नेताओं ने ठाना है कि वे उनके पार्थिव शरीर को दिल्ली ले जाकर भाजपा के पार्टी कार्यालय के बाहर जोरदार प्रतिरोध प्रदर्शन करेंगे।
जानकारी के अनुसार, इस विरोध में जोमी समुदाय और भाजपा के समर्थक शामिल होंगे। उनका उद्देश्य है कि केंद्र सरकार इस मामले में संज्ञान ले और आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर उन्हें कानूनी दायरे में लाया जाए। इसके साथ ही वे राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर न्याय की अपील करते हुए ध्यान आकर्षित करना चाहते हैं ताकि भविष्य में इस प्रकार की हिंसा को रोका जा सके।
बता दें कि वाल्टे की हत्या का मामला मणिपुर में काफी संवेदनशील और विवादास्पद रहा है। घटना के समय वाल्टे पर हमला करने वाली भीड़ ने उस घटना को राजनीतिक रंग दिया था। इस वजह से अभी तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है, जिसका गहरा असर परिवार और उनके समर्थक समुदाय के मनोबल पर पड़ा है।
स्थानीय प्रशासन और पुलिस विभाग को भी इस मामले में अनेक बार जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करनी पड़ी है, लेकिन अधिकारियों का आरोपियों तक पहुंच न होना इस जटिल परिस्थिति का कारण माना जा रहा है। अब जोमी नेता और वाल्टे के परिवार की मांग है कि केंद्र सरकार इस मामले में विशेष कदम उठाए और न्याय सुनिश्चित करे।
अपने अधिकारों के लिए लड़ रहे परिवार और उनके समर्थकों का संघर्ष न्यायपालिका और प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। इस मामले में जल्द ही कोई ठोस कदम उठाना आवश्यक है ताकि न्याय प्रक्रिया पूरी हो सके और परिवार को शांति मिल सके।

