मुंबई की मेयर ने फर्जी जन्म प्रमाण पत्र घोटाले में शामिल आरोपियों पर एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए

Rashtrabaan

    मुंबई। मुंबई महानगरपालिका में जन्म प्रमाण पत्र घोटाले की गंभीरता बढ़ती जा रही है। भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व सांसद किरीट सोमैया और मुंबई की मेयर रितु तावड़े के बीच हुई बैठक के बाद बड़ी कार्रवाई का एलान किया गया है। मेयर ने तीन बीएमसी अधिकारियों को निलंबित करने और तीन अन्य का तबादला करने का आदेश दिया है, साथ ही मामले में एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश भी दिए हैं।

    बैठक में यह खुलासा हुआ कि कम से कम 87,347 जन्म प्रमाण पत्र मुंबई महानगरपालिका के विभिन्न वार्डों से अवैध रूप से जारी किए गए थे। यह मामला न केवल प्रशासनिक अनियमितताओं को दर्शाता है, बल्कि यह घोटाला पिछले 25 वर्षों से चल रहा है। जिसमें मुंबई के 26 वार्डों से फर्जी दस्तावेज संकलित किए गए हैं।

    मेयर रितु तावड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मामले की गहन जांच के लिए एक विशेष जांच समिति (एसआईटी) गठित की है, जो इस पूरे प्रकरण की पड़ताल कर रही है। सभी फर्जी प्रमाण पत्रों को संबंधित पोर्टल से हटाने के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं। प्रभावित चिकित्सकीय अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

    आर नार्थ और के वेस्ट सहित अन्य वार्डों में चिकित्सा अधिकारियों जैसे वैशाली खाड़े, सुनीता पवार और नितीश ठाकुर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ ही नए चिकित्सा अधिकारियों की नियुक्ति कर प्रशासन ने सुधर की दिशा में कदम बढ़ाया है।

    इस पूरे मामले ने सवाल खड़े कर दिए हैं कि आखिर इतने लंबे समय तक मुंबई महानगरपालिका में बैठे अधिकारी कहां थे, जब इतने बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और घपला जारी था। मेयर ने स्पष्ट किया कि यह कोई नया मामला नहीं है, बल्कि वर्षों से छुपे अनियमितताओं का खुलासा है।

    भाजपा नेता किरीट सोमैया ने कहा कि मुंबई नगर निगम में भ्रष्टाचार और माफिया का नेटवर्क 29 वर्षों से चलता आ रहा है, जिसमें कई अधिकारी संलिप्त हैं। उन्होंने पुनः सख्त जांच और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की। सोमैया ने यह भी बताया कि इस घोटाले के पीछे बड़ी साजिश है, जिसमें फर्जी दस्तावेज बनाकर अवैध घुसपैठिए जन्म प्रमाण पत्र प्राप्त कर रहे थे।

    सोमैया के अनुसार, बीएमसी में बड़ी संख्या में भ्रष्टाचार की प्रवृत्ति है और यह घोटाला उसकी एक बड़ी मंशा का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि महापौर और मुख्यमंत्री की अधीनस्थ एसआईटी तेजी से मामले की जांच कर रही है और जल्द ही और अधिक खुलासे होने की संभावना है।

    सार्वजनिक स्तर पर यह प्रकरण एक चेतावनी भी बन गया है कि किस प्रकार लंबे समय तक चलने वाली अनियमितताओं को उजागर कर प्रशासन की जवाबदेही तय की जानी चाहिए। आने वाले दिनों में इस मामले की न्यायिक और कड़ी कार्रवाई की उम्मीद है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

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