जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर में बरगी डैम के पास हुए दर्दनाक क्रूज हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। इस हादसे को लेकर न्यायालय ने गंभीर रूख अपनाते हुए क्रूज चालक समेत अन्य संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया है। बरगी थाना प्रभारी को दो दिनों के भीतर एफआईआर दर्ज कर अदालत को सूचित करने का आदेश दिया गया है।
जबलपुर डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के न्यायिक मजिस्ट्रेट डीपी सूत्रकार ने मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए यह कार्रवाई की है। अदालत ने कहा कि क्रूज चालक ने हादसे के दौरान लापरवाही दिखाई और यात्रियों को डूबते हुए छोड़कर खुद बच निकला, जो कि गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।
साथ ही कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि डूबते लोगों की मदद न करना गंभीर अपराध माना जाता है। अदालत ने भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 106 और 110 के अंतर्गत इसे दण्डनीय अपराध قرار दिया है। यदि ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में भी ऐसी दुर्घटनाओं की संभावना बनी रहेगी, इसलिए सख्त कदम उठाना आवश्यक है।
हादसे के दौरान जो लोग आपस में मिलकर रेस्क्यू ऑपरेशन में लगे, उनकी भी कोर्ट ने सराहना की है। 30 अप्रैल को बरगी डैम के पानी में क्रूज पलटने से 13 लोगों की जान चली गई थी जबकि कई गंभीर रूप से घायल हुए थे।
मध्य प्रदेश सरकार के संस्कृति एवं पर्यटन विभाग के मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि प्रशासन ने तुरंत सक्रिय होकर रेस्क्यू कार्य में कोई कसर नहीं छोड़ी। मंत्री लोधी ने बताया कि मुख्यमंत्री मोहन यादव खुद इस घटना पर नजर बनाए हुए हैं और सभी अधिकारियों को स्थिति का पूर्ण ज्ञान था।
उन्होंने कहा कि वे और अन्य मंत्री मौके पर रहकर पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन की निगरानी कर रहे थे ताकि बचाव कार्य में कोई बाधा न आए। प्रदेश सरकार इस पूरे मामले को गंभीरता से ले रही है और उचित कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।
अंत में न्यायालय ने पुलिस को निर्देश दिया है कि एफआईआर के साथ-साथ विस्तृत जांच कराकर समयबद्ध रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए ताकि दोषियों को कानून के दायरे में लाया जा सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

