मुंबई। महाराष्ट्र के मलाड इलाके के मालवणी में एक हिंदू महिला पर कथित धमकियों का मामला सामने आया है। महिला का आरोप है कि उसके घर के सामने कुछ अवैध निर्माण किए गए हैं और विशेष समुदाय के कुछ लोग उसके दरवाजे को बंद कर उसके अधिकारों का उल्लंघन कर रहे हैं। मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने इस मामले में पुलिस से शीघ्र और सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
मंत्री लोढ़ा पहले ही पीड़ित महिला से मिले और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने मीडिया से बातचीत में बताया कि दो मुस्लिम युवक इस महिला को धमका रहे हैं और उनके खिलाफ पुलिस के पास पहले से ही केस दर्ज है। मंत्री ने कहा कि ऐसे लोगों को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, जो समुदाय के नाम पर अन्याय करते हैं।
उन्होंने कहा कि मालवणी इलाके में अवैध निर्माणों की जांच की जाएगी और जानवरों का हवाला देते हुए अवैध व्यापार भी बंद करवाया जाएगा। मंत्री ने जोर देते हुए कहा कि इन आपराधिक गतिविधियों पर कड़ा अंकुश लगाया जाएगा। उन्होंने पुलिस कमिश्नर से चर्चा की और उचित कार्रवाई के लिए दबाव डाला।
मंत्री लोढ़ा ने एफआईआर दर्ज होने पर असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि जरूरी धाराएं शामिल नहीं की गईं जिससे दोषियों की गिरफ्तारी में बाधा आ रही है। उन्होंने कहा कि मामले की पूरी छानबीन कर दोषियों को सजा दिलाई जाएगी ताकि ऐसा कोई अन्याय फिर दोबारा न हो।
मंत्री ने यह भी कहा कि मालवणी इलाके में अवैध कब्जों के खिलाफ सरकार कड़े कदम उठाएगी। उन्होंने साफ किया कि किसी भी व्यक्ति या समुदाय को यहां अवैध तरीके से जमीन पर कब्जा करने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
इस मामले में पीड़ित महिला ने बताया कि करीब एक साल से उसका घर का दरवाजा शौकत नामक व्यक्ति द्वारा बंद किया गया है और उसे खोलने नहीं दिया जा रहा। महिला ने कहा कि उनका मकसद केवल अपने घर के दरवाजे तक पहुंच सुनिश्चित करना है बिना किसी परेशानी के।
मंत्री लोढ़ा ने कहा कि इस क्षेत्र में हिंदू समुदाय को झूठी शिकायतों और दबावों के जरिए परेशान किया जा रहा है, जिसे तुरंत रोका जाना चाहिए। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को भी इस मामले की जानकारी दी है और कार्रवाई ना होने पर फिर से इस इलाके का दौरा करने की चेतावनी दी है।
इस तरह की घटनाएं सिर्फ समुदायों के बीच मतभेद बढ़ाती हैं और सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंचाती हैं। ऐसे मामलों में त्वरित और निष्पक्ष पुलिस कार्रवाई ही सही समाधान है। आशा है कि लगातार निगरानी और प्रभावी कदमों से मालवणी क्षेत्र की यह समस्या जल्दी सुलझ जाएगी।

