नई दिल्ली। राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने मध्य प्रदेश के भोपाल में रहने वाली नोएडा निवासी 33 वर्षीय ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत की घटना पर स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने इस मामले में मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को पत्र लिखकर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं और सात दिनों के भीतर विस्तृत प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है।
एनसीडब्ल्यू की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने प्रेस विज्ञप्ति में कहा, “मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, ट्विशा शर्मा का विवाह मात्र पांच महीने पहले हुआ था और उनकी मृत्यु संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है। परिवार की ओर से पति समार्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह पर दहेज उत्पीड़न, मानसिक व शारीरिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। आयोग ने इस मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी तथा समयबद्ध जांच सुनिश्चित करने को कहा है।”
आयोग ने एफआईआर में दर्ज किए गए प्रावधानों, आरोपियों की गिरफ्तारी और पूछताछ की स्थिति, फरार आरोपी समार्थ सिंह की तलाश के लिए उठाए गए कदमों, सीसीटीवी फुटेज, कॉल रिकॉर्ड, इलेक्ट्रॉनिक व फोरेंसिक साक्ष्यों, पोस्टमार्टम रिपोर्ट समेत पहले की गई शिकायतों पर हुई कार्रवाई का ब्यौरा मांगा है।
इसके साथ ही आयोग ने पीड़िता के परिवार को किसी भी प्रकार की धमकी, दबाव अथवा चरित्र हनन से सुरक्षित रखने के निर्देश दिये हैं ताकि न्याय प्रक्रिया निष्पक्ष रूप से आगे बढ़ सके।
राष्ट्रीय महिला आयोग ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि महिलाओं के विरुद्ध दहेज उत्पीड़न और घरेलू हिंसा के मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या प्रभाव का दुरुपयोग स्वीकार नहीं किया जाएगा। दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
एफआईआर के अनुसार, ट्विशा शर्मा 12 मई को भोपाल के अपने ससुराल में फांसी के फंदे पर लटकी मिली थीं। परिवार वाले इसे हत्या मान रहे हैं और आरोपियों को सख्त से सख्त सजा दिलाने की मांग कर रहे हैं।
यह मामला महिलाओं की सुरक्षा और घरेलू हिंसा के खिलाफ जागरूकता की दिशा में एक महत्वपूर्ण परीक्षण माना जा रहा है। एनसीडब्ल्यू की पहल से उम्मीद की जा रही है कि जांच निष्पक्ष और प्रभावी होगी, जिससे न्याय सुनिश्चित हो सकेगा और भविष्य में ऐसे कृत्यों पर रोक लगेगी।

