ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क थाना क्षेत्र में एक निजी संस्थान के निर्माणाधीन हॉस्टल के कमरे में दो व्यक्तियों के शव लहूलुहान हालत में पाए जाने से इलाके में सनसनी फैल गई है। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दो विशेष जांच टीमें गठित की हैं और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि इस गंभीर घटना के पीछे के अपराधियों का पता लगाया जा सके।
घटना की सूचना शुक्रवार सुबह डायल-112 के माध्यम से पुलिस को मिली थी। बताया गया कि सीताराम इंस्टीट्यूट के निर्माणाधीन हॉस्टल परिसर के एक कमरे में दो लोगों के शव पड़े हुए थे, जिनपर धारदार हथियार से वार किए जाने के स्पष्ट निशान मिले हैं। स्थानीय पुलिस ने मौके पर पहुंच कर कमरे को सील कर फॉरेंसिक टीम को बुलाया, जिसने घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए।
पुलिस की जांच के अनुसार शवों की पहचान इंद्र निवासी अब्दुल्लापुर, मेरठ और शीशपाल निवासी ग्राम इचौंली, मेरठ के रूप में हुई है। दोनों की उम्र लगभग 45 वर्ष बताई जा रही है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक ये दोनों कुछ दिन पहले ही इस संस्थान में माली के पद पर काम करने आए थे और निर्माणाधीन हॉस्टल परिसर में ही रह रहे थे।
मृतकों की हत्या की वजह का पता लगाने के लिए पुलिस कई कोणों से जांच कर रही है। शुरुआती जांच में इसे आपसी रंजिश, मजदूरी विवाद या किसी लूटपाट की नज़र से भी देखा जा रहा है। पुलिस का कहना है कि दो विशेष जांच टीमें और सीसीटीवी फुटेज की मदद से जल्द से जल्द इस घटना का पर्दाफाश किया जाएगा और आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
यह मामला न केवल ग्रेटर नोएडा बल्कि आस-पास के इलाकों में भी चिंता का विषय बन गया है। स्थानीय लोगों में सुरक्षा को लेकर चिंता व्याप्त है और पुलिस प्रशासन ने अपने स्तर से सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। उनसे अपेक्षा की जा रही है कि पूरी पारदर्शिता के साथ जांच पूरी कर न्याय सुनिश्चित किया जाएगा।
पुलिस अधिकारियों ने राजनैतिक दबाव या जनता की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए मामले की गंभीरता से जांच करने का भरोसा दिया है। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि जांच में बाधा न डालें और यदि किसी के पास घटना से संबंधित कोई भी जानकारी हो तो उसे पुलिस तक पहुँचाने में सहयोग करें।

