लखनऊ। समाजवादी पार्टी के विधायक रविदास मेहरोत्रा ने प्रतीक यादव के आकस्मिक निधन को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं और एक व्यापक जांच की मांग की है। उन्होंने बताया कि प्रतीक यादव की मौत अस्पताल पहुंचने से पहले ही हो चुकी थी और उनके शरीर पर चोट के निशान पाए गए हैं। इस कदम को न्यायसंगत ठहराने के लिए विधायक ने पोस्टमॉर्टम की आवश्यकता पर भी जोर दिया है।
रविदास मेहरोत्रा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि डॉक्टरों ने उनके शरीर पर पाये गए चोट के निशान की पुष्टि की है और इस कारण मौत को सामान्य नहीं बताया जा रहा है। उन्होंने आगे कहा, “प्रतीक यादव ने जिम में मेहनत कर भविष्य के लिए खुद को तैयार कर रहे थे, ऐसे में उनकी मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है। उसे लेकर गहराई से जांच होनी चाहिए ताकि वास्तविक कारण का पता चल सके।”
विधायक के अनुसार सामान्य परिस्थितियों में मौत के मामले में पोस्टमॉर्टम की जरूरत नहीं होती, लेकिन इस मामले में संदिग्धता के चलते पोस्टमॉर्टम करवाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट से ही सही स्थिति सामने आएगी और इससे ही साफ होगा कि प्रतीक यादव की मौत किस प्रकार हुई।
इससे पहले समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता शौकत अली ने भी प्रतीक यादव की मृत्यु को लेकर पार्टी की चिंता जताई और कहा कि यह घटना पार्टी और समाज दोनों के लिए भारी क्षति है। उन्होंने कहा, “प्रतीक यादव समाज की सेवा में सक्रिय थे और उनका जाना पूरे समुदाय के लिए शोक की बात है। हम चाहते हैं कि इस मामले में पारदर्शी और निष्पक्ष जांच हो।”
सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने भी अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा, “सुबह-सुबह प्रतीक यादव के निधन की खबर सुनकर विश्वास करना मुश्किल था। यह एक दुखद घटना है। हमें उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करनी चाहिए और परिवार को इस सदमे को सहने की शक्ति मिलनी चाहिए।”
वर्तमान में प्रतीक यादव के निधन ने राजनीतिक और सामाजिक रूप से हलचल मचा दी है। उनकी मृत्यु के कारणों को लेकर सपा सहित कई राजनीतिक और सामाजिक समूह जांच की मांग कर रहे हैं। परिवार और पार्टी दोनों शांति और न्याय की अपेक्षा में हैं। यह मामला अब आगे सरकारी जांच एजेंसियों की जिम्मेदारी होगा कि वे निष्पक्ष और गहरा अध्ययन करके वास्तविक तथ्य सामने लाएं।

