बारामती उपचुनाव में मतदान के दौरान सुनेत्रा पवार हुईं भावुक, कहा- ‘पहली बार अजित दादा के बिना…’

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    महाराष्ट्र में बारामती उपचुनाव के लिए आज 23 अप्रैल की सुबह से मतदान जारी है। इस ऐतिहासिक सीट पर दिवंगत नेता अजित पवार की पत्नी और महाराष्ट्र की उप मुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार चुनावी मैदान में हैं। इस महत्त्वपूर्ण अवसर पर सुनेत्रा पवार ने मतदान के बीच एक भावुक बयान दिया, जिसने इलाके में चर्चा का विषय बन गया है।

    सुनेत्रा पवार ने कहा कि बारामती के लोग लगभग 60 वर्षों से पवार परिवार के साथ मजबूती से खड़े रहे हैं और उनका अपार समर्थन किया है। इस बार का उपचुनाव अजित दादा के बिना हो रहा है, इसलिए यह चुनाव बारामती के निवासियों ने अपने हाथ में ले लिया है। वे अपना मत दादा के प्रति श्रद्धांजलि के रूप में देना चाहते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों से भी इस मतदान में विशेष उत्साह दिखा और मतदाता मतदान केंद्रों पर बड़ी संख्या में पहुंचे।

    डिप्टी सीएम ने आगे कहा कि बारामती के लोगों ने स्वयं इस चुनाव को संभाला है क्योंकि वे जानते हैं कि अजित दादा ने उनके हितों के लिए बहुत कुछ किया है। आज उनका कर्तव्य बनता है कि वे इन प्रयासों का सम्मान करें और अपने कीमती वोट पवार परिवार को दें। मतदान केंद्रों पर लगी कतारें इस बात का प्रमाण हैं कि जनता ने अपनी जिम्मेदारी समझी है और वे अपने प्रतिनिधि के लिए मत देने को पूरी तरह से तैयार हैं।

    शरद पवार के स्वास्थ्य और मतदान से दूरी
    उपचुनाव के दौरान सुनेत्रा पवार ने जानकारी दी कि पार्टी के वरिष्ठ नेता और एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार खराब स्वास्थ्य के कारण मतदान नहीं कर पाएंगे। हालांकि उन्होंने अपने आशीर्वाद के साथ पूरे चुनाव अभियान को सफल बनाने में मदद दी। सुनेत्रा पवार ने शरद पवार के स्वास्थ्य के शीघ्र सुधार की कामना प्रकट की और उनके योगदान को प्रेरणादायक बताया।

    शरद पवार ने क्षेत्र के मतदाताओं को एक पत्र भी लिखा जिसमें उन्होंने बताया कि वे बारामती में मतदान करने के लिए आना चाहते थे, लेकिन मेडिकल हालत खराब होने के कारण अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। उन्होंने बारामती के लोगों से अपील की कि वे इस परिस्थिति को समझें और पवार परिवार को उनकी भूमिका निभाने का अवसर दें। उन्होंने यह भी कहा कि 1967 से लगातार वे इस क्षेत्र में मतदान करते आ रहे हैं और आगामी समय में भी जनता के बीच रहेंगे।

    राजनीतिक परिदृश्य और आगामी चुनौतियां
    बारामती उपचुनाव इस लिहाज से भी महत्वपूर्ण है कि यह पवार परिवार के लिए एक चुनौतीपूर्ण चरण है जहां उनके प्रमुख नेता के बिना जीत हासिल करनी है। एनसीपी और पवार परिवार की लोकप्रियता को बनाए रखने के लिए यह चुनाव निर्णायक साबित होगा। भाजपा और अन्य विपक्षी दल भी इस सीट पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। चुनाव में शांति और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए पुलिस बल तैनात है।

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    इस उपचुनाव का परिणाम न केवल बारामती बल्कि पूरे महाराष्ट्र की राजनीति पर प्रभाव डालेगा। सुनेत्रा पवार और एनसीपी ने इस चुनाव को विकास और जनकल्याण के मुद्दों के आधार पर प्रस्तुत किया है। जनता की अगली चाल तय करेगी कि पवार परिवार की राजनीतिक विरासत कितनी मजबूती के साथ आगे बढ़ेगी।

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