नई दिल्ली। सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (सीबीआई) ने सोमवार को महाराष्ट्र के एक कोचिंग सेंटर के डायरेक्टर शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर को नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में गिरफ्तार कर लिया है। इस गिरफ्तारी के साथ ही इस जांच में अब तक कुल दस लोग गिरफ्तार हो चुके हैं। सीबीआई सूत्रों ने बताया कि मोटेगांवकर महाराष्ट्र के लातूर में कोचिंग संचालित करते थे और इस पेपर लीक नेटवर्क में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका थी।
सीबीआई ने गिरफ्तार किए जाने से पहले मोटेगांवकर को गहन पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था। जल्द ही एजेंसी इस ताजा गिरफ्तारी पर आधिकारिक बयान जारी कर सकती है। यह गिरफ्तारी नीट यूजी 2026 परीक्षा के पेपर लीक मामले की देशव्यापी जांच के बीच आई है। इस अफसर पेपर लीक की घटना के कारण 3 मई को निर्धारित परीक्षा को रद्द करना पड़ा था, जिससे पूरे देश में भारी आक्रोश था।
वहीँ, दिल्ली की एक अदालत ने रविवार को इस मामले की एक अन्य आरोपी मनीषा गुरुनाथ मंधारे को 14 दिनों के लिए सीबीआई हिरासत में भेज दिया है। मंधारे, जो पुणे की निवासी और एनटीए की ओर से नियुक्त वरिष्ठ बॉटनी टीचर हैं, पर बायोलॉजी के प्रश्न पत्र लीक करने के षड्यंत्र में शामिल होने का संदेह है। केमिस्ट्री के प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी को इस मामले में मुख्य साजिशकर्ता माना जा रहा है।
दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई के दौरान सीबीआई ने बताया कि मंधारे बॉटनी और जूलॉजी के प्रश्न पत्रों के अनुवाद में दक्ष थीं और उनके पास नीट-यूजी बायोलॉजी पेपर तक पहुंच थी। सीबीआई का कहना है कि मंधारे ने पीवी कुलकर्णी और मनीषा वाघमारे के साथ मिलकर साजिश रची थी। इस षड्यंत्र में, मंधारे ने प्रश्न पत्र को एक अन्य आरोपी शुभम को सौंपा था।
एजेंसी ने आरोप लगाया है कि मंधारे पुणे की कंसल्टेंट मनीषा वाघमारे के माध्यम से नीट उम्मीदवारों को इकट्ठा करती थीं और अपने घर पर छात्रों के लिए विशेष कोचिंग कक्षाएं आयोजित करती थीं। इन कक्षाओं में उन्होंने कथित तौर पर बायोलॉजी के कई प्रश्न छात्रों को दिए और उनसे उन्हें नोट करने के लिए कहा, जो बाद में असल नीट यूजी 2026 पेपर के समान थे।
इससे पहले, दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे और अहल्यानगर से संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया था। उनमें से पांच आरोपियों को अदालत में पेश किया जा चुका है और उनसे पूछताछ के लिए सात दिन की पुलिस रिमांड पर रखा गया है। दो अन्य आरोपियों को, जो हाल ही में गिरफ्तार किए गए थे, पुणे की अदालत में पेश किया गया और ट्रांजिट रिमांड के बाद उन्हें दिल्ली भेजा गया।
यहां से आगे की जांच पूरे देश में व्यापक स्तर पर जारी है ताकि इस पेपर लीक कांड में शामिल सभी दोषियों को पकड़कर न्याय सुनिश्चित किया जा सके। सीबीआई ने बताया है कि जांच के लिए आरोपियों को देश के विभिन्न हिस्सों में ले जाना जरूरी है ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके।

