रायपुर/रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले की ऐतिहासिक सिंघनपुर गुफा में पुरातत्व विभाग की एक टीम पर मधुमक्खियों का अचानक हमला हुआ, जिसने अफरा-तफरी का माहौल बना दिया। यह घटना तब हुई जब रिसर्च टीम प्रागैतिहासिक शिलापात्रों का निरीक्षण और संरक्षण कार्य कर रही थी।
रिसर्च टीम में पंडित रविशंकर शुक्ला विश्वविद्यालय के पुरातत्व विभाग के शोधकर्ता और विशेषज्ञ शामिल थे। वे गुफा में स्थित प्राचीन शैल चित्रों के रंगों का विश्लेषण कर रहे थे तभी गुफा के ऊपरी हिस्से में विशाल मधुमक्खी छत्ते से मधुमक्खियां सक्रिय हो गईं।
हजारों मधुमक्खियों के अचानक हमले से टीम के सदस्यों में दहशत फैल गई और वे सुरक्षा के लिए भागने लगे। गुफा के अंदर यह स्थिति और भी खतरनाक हो गई क्योंकि शोधकर्ता सीमित जगह में फंस गए थे। इस दौरान अनेक सदस्यों को कई मधुमक्खी के डंक लगे, जिनसे चोटें आईं।
स्थानीय ग्रामीण और आपातकालीन सेवाएं घटनास्थल पर पहुंचे और घायल शोधकर्ताओं को सुरक्षित बाहर निकाल कर प्राथमिक चिकित्सा मुहैया कराई। बाद में उन्हें नजदीक के चिकित्सा केंद्र ले जाया गया जहां उनका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार मधुमक्खी के डंक के कारण व्यक्तियों को सूजन और एलर्जी की प्रतिक्रिया हुई, फिर भी सभी की हालत स्थिर बनी हुई है।
सिंघनपुर गुफा भारत की प्राचीनतम चट्टानी गुफाओं में से एक है जो पुरापाषाणीय युग के भित्ति चित्रों के लिए विश्व विख्यात है। यह जगह नियमित रूप से पुरातत्व एवं मानवविज्ञान के शोधकर्ताओं को आकर्षित करती है। इस घटना के कारण स्थानीय प्रशासन ने गुफा के कुछ हिस्सों में अस्थायी प्रवेश प्रतिबंध लगा दिया है, ताकि सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं से बचा जा सके।
