पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में इस बार रिकॉर्ड मतदान प्रतिशत दर्ज किया गया है। चुनाव आयोग ने बुधवार को जानकारी देते हुए बताया कि पूरे राज्य में मतदान प्रतिशत 92.4% रहा, जो चुनावों में अब तक का उच्चतम दर्जा है।
पहले चरण में, जो 23 अप्रैल को संपन्न हुआ, प्रदेश के 294 विधानसभा क्षेत्रों में से 152 क्षेत्रों में मतदान हुआ। इन क्षेत्रों में औसत मतदान प्रतिशत 93.1% रहा जो कि बेहद उत्साहजनक है। वहीं, दूसरे चरण में बाकी 142 सीटों पर मतदान हुआ, जिसमें औसत मतदान प्रतिशत 91.6% रहा।
चुनाव आयोग के अनुसार, करीब 5,300 मतदान केंद्रों का डाटा अभी अपडेट किया जाना बाकी है। साथ ही, यह आंकड़ा सेवा वोटर और डाक मतपत्रों को शामिल नहीं करता। 9.30 बजे सुबह के अनुसार, दूसरे चरण में मतदान प्रतिशत 92.6% दर्ज किया गया है।
पुरुष मतदाताओं में दोनों चरणों का औसत मतदान 93.1% रहा, जबकि महिला मतदाताओं में यह प्रतिशत 91.6% था। ये आंकड़े राज्य में चुनाव के प्रति लोगों की बढ़ती जागरूकता और उत्साह को दर्शाते हैं।
इस चुनाव को लेकर चुनाव आयोग ने एक विशेष अभियान भी चलाया जिसमें 12 राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों सहित पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची का व्यापक पुनरीक्षण किया गया। इस प्रक्रिया में लगभग 91 लाख मतदाताओं को मतदाता सूची से हटाया गया, जो कि कुल मतदाताओं के लगभग 11.9% के बराबर है। पश्चिम बंगाल का कुल मतदाता आधार करीब 7.6 करोड़ है।
चुनाव के दौरान सुचारू मतदान व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन द्वारा कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। मतदान प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ संपन्न हुई, जिससे लोकतंत्र की मजबूती का संदेश मिला।
मतगणना सोमवार को होगी, जिस पर पूरा प्रदेश नजरें टिका हुआ है। मतदान की इस उच्च भागीदारी से यह साफ होता है कि जनता ने अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से लिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस रिकॉर्ड मतदान से लोकतंत्र को नई ऊर्जा मिली है और भविष्य की चुनाव प्रक्रियाओं के लिए यह एक मिसाल बनेगा।

