लोकतंत्र को आज गंभीर खतरा है। 2014 में नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता की लहर आई और भाजपा लगातार चुनाव जीतती रही। दिल्ली में फरवरी 2015 में भाजपा सिर्फ़ तीन सीटें जीत पाई थीं, जो उनके लिए एक चुनौती थी। परंतु अब केजरीवाल ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि भाजपा पंजाब की सत्ता में आई तो राज्य को भारी नुक्सान होगा।
अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि भाजपा ने लोकतंत्र को ‘हाइजैक’ कर लिया है। उनका कहना है कि पार्टी अपने राजनीतिक लाभ के लिए संस्थाओं और लोकतांत्रिक मूल्यों को खतरे में डाल रही है। पंजाब के लोगों को इस मुद्दे के प्रति सतर्क रहना होगा और भाजपा के ‘विजय रथ’ को रोकना होगा, ताकि राज्य की सभ्यता और सांस्कृतिक पहचान सुरक्षित रह सके।
उन्होंने बताया कि हाल के वर्षों में भाजपा की राजनीति में एकतरफा सोच और जनता के विविध हितों की अनदेखी देखने को मिली है, जो लोकतंत्र के लिए खतरनाक संकेत है। भाजपा की नीतियां केवल कुछ वर्गों के पक्ष में रही हैं, जिससे समाज के कमजोर वर्ग संकट में हैं। केजरीवाल ने कहा कि यह जरूरी है कि पंजाब की जनता ऐसी पार्टी को सत्ता में लाए जो सभी वर्गों के हित को समझे और आगे बढ़ाए।
इसके साथ ही, उन्होंने यह भी जोर दिया कि पंजाब में सामाजिक न्याय और आर्थिक विकास के लिए एक समावेशी सरकार चाहिये। भाजपा की केंद्रित नीतियों ने कई बार पंजाब के किसानों और मजदूरों की आवाज दबाई है, जो वाकई चिंता का विषय है। प्रदेश के नागरिकों को मिलकर लोकतंत्र की मजबूती के लिए एकजुट होना होगा और भाजपा के आतंकवाद और आर्थिक नीतियों का विरोध करना होगा।
इस प्रकार, अरविंद केजरीवाल ने भाजपा की राजनीति की आलोचना करते हुए कहा कि पंजाब को सुरक्षित रखने के लिए भाजपा के ‘विजय रथ’ को रोकना अनिवार्य है। उन्होंने निवेदन किया कि भाजपा की सत्ता में आने पर राज्य का सामाजिक और आर्थिक विकास अवरुद्ध होगा जिसके दुष्परिणाम समाज के हर तबके पर पड़ेंगे। पंजाब की जनता को इस खतरे को समझना और लोकतंत्र को बचाने के लिए सजग रहना होगा।

