आरसीबी इनोवेशन लैब इंडियन स्पोर्ट्स समिट में सुपरस्टार विराट कोहली ने अपने भविष्य को लेकर अपनी सोच साझा की। 37 वर्षीय कोहली ने कहा कि वह यह देखकर ही समझ पाएंगे कि आने वाले कुछ वर्षों में जीवन उन्हें कहाँ ले जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि एक खिलाड़ी की सच्ची पहचान उसकी सारी प्रारूपों में लंबी अवधि तक टिके रहने की क्षमता से होती है।
कोहली ने अपने करियर की लंबी अवधि और विभिन्न प्रारूपों में सफलता की महत्ता पर ज़ोर देते हुए कहा कि केवल सीमित समय तक खेलना या एक प्रारूप में अच्छा प्रदर्शन करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि लगातार प्रदर्शन करना आवश्यक है। उन्होंने कहा, “यदि आप हर प्रारूप में लंबे समय तक बनी रह सकते हैं, तो आपकी क्षमता और समर्पण दोनों सामने आते हैं। यही असली खिलाड़ी की निशानी होती है।”
अपने भविष्य के बारे में पूछे जाने पर विराट ने जवाब दिया, “मैं केवल वर्तमान में जी रहा हूँ और देख रहा हूँ कि कुछ वर्षों के बाद क्या होता है। जीवन मुझे कहाँ ले जाता है, यह समय ही बताएगा। मैं जहाँ भी रहूँ, अपने खेल का आनंद लेना चाहता हूँ और अपनी फिटनेस का पूरा ध्यान रखना चाहता हूँ।”
कोहली ने यह भी कहा कि वह अपने खेल के अलावा अन्य क्षेत्रों में भी अपना समय देना चाहते हैं, क्योंकि वह केवल क्रिकेट पर निर्भर रहना नहीं चाहते। उन्होंने कहा कि जीवन में बहुत से अवसर होते हैं और खिलाड़ियों को अपने करियर के बाद भी उसी तरह सक्रिय रहना चाहिए जैसे क्रिकेट के दौरान रहते हैं।
इस समिट में विराट ने भारतीय क्रिकेट के विकास और युवा खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने की भी बात की। उन्होंने कहा कि युवाओं को सही मार्गदर्शन और उन्नत तकनीक के साथ क्रिकेट के प्रति अपने जुनून को बनाए रखना चाहिए। कोहली का मानना है कि तकनीक और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से क्रिकेट में नई ऊँचाइयाँ हासिल की जा सकती हैं, और यही कारण है कि वे इस तरह के प्लेटफार्मों पर सक्रिय रूप से भाग लेते हैं।
आखिरकार, कोहली का यह संदेश स्पष्ट है कि खेल के साथ-साथ जीवन में संतुलन बेहद जरूरी है। वे चाहते हैं कि खिलाड़ियों का करियर केवल मैदान तक सीमित न रहे, बल्कि वे जीवन में भी सफल और खुशहाल रहें। विराट कोहली का यह विचार भारतीय क्रिकेट के लिए एक प्रेरणा स्रोत है, जो उन्हें आने वाले वर्षों में भी खिलाड़ियों के लिए मार्गदर्शक बनाएगा।

