अंडर-18 हॉकी: भारत और ऑस्ट्रेलिया ने अंतिम मैच 3-3 से ड्रॉ खेला

Rashtrabaan

    भोपाल। भारत की अंडर-18 पुरुष हॉकी टीम ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चार मैचों की सीरीज का आखिरी मुकाबला 3-3 की बेहतरीन बराबरी से पूरा किया। इस ड्रॉ मैच के साथ ही सीरीज का परिणाम एक जीत, दो ड्रॉ और एक हार के साथ बराबर रहा, जो युवा खिलाड़ी अपनी खेल क्षमता के प्रति उत्साह और उम्मीद दर्शाता है।

    भारतीय टीम ने मैच की शुरुआत से ही मजबूत स्थिति बनाई। उद्घाटन क्वार्टर में करण गौतम ने पेनाल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर टीम को बढ़त दिलाई। इसके हाथों बढ़त के बाद बेन सिद्धार्थ ने फील्ड गोल के जरिए स्कोर 2-0 कर दिया, जिससे भारत को पहले क्वार्टर में मजबूत पकड़ मिली।

    हालाँकि, ऑस्ट्रेलिया की टीम ने दूसरे क्वार्टर में वापसी की। जेट जॉनस्टोन ने अपने दो गोलों के दम पर स्कोर को बराबरी पर ला दिया, जिससे पहला हाफ 2-2 की बराबरी से खत्म हुआ। यह मुकाबला दोनों टीमों की बराबरी और संघर्ष का परिचायक था।

    तीसरे क्वार्टर में भारत के कप्तान केतन कुशवाहा ने एक अहम फील्ड गोल दागा, जिससे भारतीय टीम फिर से आगे बढ़ी। हालांकि, ऑस्ट्रेलिया ने अंतिम क्वार्टर में दबाव बनाते हुए मैच के खत्म होने से बस तीन मिनट पहले एंड्रयू फॉल्ड्स की फील्ड गोल से मुकाबला एक बार फिर बराबरी पर आ गया। इस परिणाम के साथ ही सीरीज ड्रॉ हो गई।

    दिन के अन्य मुकाबले में भारतीय महिला अंडर-18 हॉकी टीम ने शानदार खेल दिखाया और ऑस्ट्रेलियाई महिला टीम को 4-1 से पराजित किया। शुरुआती कुछ मिनटों में ऑस्ट्रेलिया ने बढ़त बनाई, लेकिन कप्तान स्वीटी कुजूर ने तेजी से बराबरी की। इसके बाद दीया, प्रियंका मिंज और नौशीन नाज ने अपनी चुस्त गोलबाजी से टीम की शानदार जीत सुनिश्चित की।

    पूरी सीरीज में भारतीय महिला टीम ने दो मैचों में हार और एक जीत दर्ज की, लेकिन अंतिम मुकाबले में उनका प्रदर्शन संतोषजनक रहा। इस युवा टीम ने भविष्य के लिए उम्मीद जगाई है कि वे अंतरराष्ट्रीय मंच पर मजबूत प्रदर्शन कर सकेंगी।

    यह मुकाबला युवा भारतीय खिलाड़ियों की मेहनत और खेल भावना को उजागर करता है। दोनों पुरुष और महिला टीमों ने देश का गौरव बढ़ाने का प्रयास किया। इन खेल आयोजनों से खिलाड़ियों को ज्यादा अनुभव मिलेगा और वे आगामी टूर्नामेंट में बेहतर प्रदर्शन करेंगे।

    हॉकी प्रेमियों के लिए यह मुकाबला उत्साहजनक था, क्योंकि भारतीय टीम ने मजबूत प्रतिस्पर्धा के बाद एक सम्मानजनक परिणाम हासिल किया। खेलों के इस स्तर पर उम्मीद की जाती है कि खिलाड़ी अपने कौशल को निखारेंगे और देश का नाम रोशन करेंगे।

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