स्टैनली टुच्ची ने ‘टुच्ची इन इटली’ पर कहा: ‘मैं केवल एक माध्यम हूँ’

Rashtrabaan

    टेलीविजन की दुनिया में जब भी कोई खास यात्रा श्रृंखला सामने आती है, तो उसकी सफलता के पीछे गहरी भावनाएं और अनुभव छिपे होते हैं। ऐसी ही एक लोकप्रिय श्रृंखला है ‘टुच्ची इन इटली’, जो अपनी दूसरी सीजन के साथ दर्शकों के दिलों में फिर एक बार घर बनाने को तैयार है। इस श्रृंखला के होस्ट और प्रसिद्ध अभिनेता स्टैनली टुच्ची ने इस बार अपने यात्रा अनुभवों, विभिन्न इटालियन बोलियों, खाने-पीने की संस्कृति और इतिहास के गहरे पक्षों पर खुलकर अपनी राय साझा की है। उन्होंने बताया कि कैसे हर कहानी अपने आप में खास होती है और इन्हें कभी भी पूरी तरह से स्क्रिप्ट नहीं किया जा सकता।

    रसोई के माहौल से लेकर खाने की मेज तक, ‘टुच्ची इन इटली’ ने न सिर्फ इटली की सांस्कृतिक विविधता को दिखाया है, बल्कि यह भी समझाया है कि भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि एक भावनात्मक पुल भी होती है। टुच्ची ने साझा किया कि इटली में हर क्षेत्र की अपनी अलग बोली है जो लोगों की पहचान और रीति-रिवाजों को परिभाषित करती है। वे कहते हैं, “हर छोटी बोलचाल की बात हमारे लिए एक नई कहानी और एक नई दुनिया खोलती है।”

    टुच्ची की नजर में यह श्रृंखला एक ऐसा मंच है, जहां वे केवल एक माध्यम हैं जो दर्शकों को उन जीवंत कहानियों से जोड़ते हैं जो उन्हें मिलने वाली हर यात्रा में अनुभव होती हैं। उन्होंने स्पष्ट किया, “मैं केवल एक माध्यम हूँ, जो उन कहानियों को सामने लाता हूँ जिन्हें लोग महसूस कर सकते हैं। हर यात्रा का अपना एक इतिहास और गर्मजोशी होती है।”

    खाने के तौर-तरीकों और परंपराओं पर बात करते हुए, उन्होंने कहा कि इटली की विविधता को महसूस करने का सबसे सरल तरीका स्थानीय व्यंजनों को चखना है। “यहाँ के लोग, उनकी मिट्टी, उनका खाने का तरीका और उनके त्योहार दिल को छू जाते हैं। ये सब मिलकर एक कहानी कहते हैं जो कभी भी पूरी तरह से लिखी नहीं जा सकती।”

    टुच्ची ने यह भी बताया कि आखिरी सीजन के दौरान उन्होंने कई ऐसे भोरे-भर के इतिहास और कहानियाँ जानीं, जो अक्सर मुख्य धारा की कहानियों में नहीं दिखाई जातीं। यह अंधेरे इतिहास भी व्यक्ति और समुदाय की पहचान का हिस्सा होते हैं और उन्हें समझे बिना किसी जगह की पूर्ण तस्वीर अधूरी ही रह जाती है।

    अंत में, स्टैनली टुच्ची इस बात पर जोर देते हैं कि उनकी इस यात्रा का असली मकसद दर्शकों के दिलों तक पहुँचने वाला एक सजीव अनुभव देना है, जो साहित्य या अनुसंधान की किताबों से कहीं अधिक प्रामाणिक और असरदार हो। ‘टुच्ची इन इटली’ के माध्यम से वे चाहते हैं कि हर कोई इटली की विविधता, उसकी गहराई और उसमें बसे लोगों की सच्ची कहानियों को महसूस करे।

    साथ ही, वे दर्शकों का आभार भी व्यक्त करते हैं जो इस श्रृंखला को अपनाते हुए हर एपिसोड को एक नई उत्सुकता और प्रेम के साथ देखते हैं। यह यात्रा केवल एक दृश्य यात्रा नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक और भावनात्मक सफर है, जिसे स्टैनली टुच्ची के अनुभवों और उनकी सच्ची कहानियों के साथ हर कोई जुड़ सकता है।

    Source

    TAGGED:
    error: Content is protected !!