भारतीय खेल प्राधिकरण ने 2026 के कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए 32 सदस्यीय एथलेटिक्स टीम की घोषणा कर दी है। इस टीम में अनुभवी खिलाड़ियों के साथ ही उभरते हुए प्रतिभागी शामिल हैं, जो देश का मान बढ़ाने के लिए तैयार हैं।
टीम में सबसे ध्यान आकर्षित करने वाली बात यह है कि ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता नीरज चोपड़ा की चयन प्रक्रिया कुछ शर्तों के अधीन है। उनकी टीम में जगह चयन मानदंडों को पूरा करने पर ही सुनिश्चित होगी। इसी तरह, ट्रिपल जंपर सेल्वा प्रभु की भी चयन शर्तों के तहत टीम में जगह तय होगी।
यह टीम विभिन्न ट्रैक और फील्ड कार्यक्रमों में भारत की पूरी कोटा भरने का लक्ष्य लेकर तैयार की गई है। इससे साफ जाहिर होता है कि भारतीय खेल प्राधिकरण ने प्रतिस्पर्धा की दृष्टि से संतुलित और संभावनाओं से भरपूर टीम चुनने की रणनीति अपनाई है।
टीम में शामिल किए गए खिलाड़ी अनुभवी होने के साथ ही युवा प्रतिभाओं से भी परिपूर्ण हैं, जो भविष्य में खेल की दुनिया में नए कीर्तिमान स्थापित कर सकते हैं। चयन में संतुलन बनाए रखने और हर पकड़ को मजबूत करने के लिए यह मिश्रण बेहद जरूरी माना गया है।
स्पोर्ट्स विशेषज्ञों की मानें तो नीरज चोपड़ा का चयन एक बड़ा संकेत है कि भारतीय एथलेटिक्स में भविष्य को लेकर आशाएं मजबूत हैं, लेकिन इसके साथ ही कठोर चयन मानदंड यह भी दर्शाते हैं कि खिलाड़ियों को अपनी प्रदर्शन क्षमता को लगातार बनाए रखना होगा।
कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए इस टीम के चयन से पूरा देश उत्साहित है और खिलाड़ियों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है ताकि भारत की लोकप्रियता वैश्विक खेल मंच पर और बढ़ सके।
इस टीम के माध्यम से भारतीय एथलेटिक्स को एक नई दिशा मिलने की संभावना है, जो खेल प्रेमियों और विशेषज्ञों के लिए भी एक सकारात्मक संकेत है।

