रायपुर: सुखमा जिले के अंदरूनी वन क्षेत्र में प्रशासन ने काफिले के बजाय मोटरसाइकिलों पर सवार होकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। बुधवार को राज्य सरकार के ‘सुशासन तिहार 2026’ अभियान के तहत कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने कड़ी मेहनत से भरे कठिन पहाड़ी और जंगल वाले इलाकों में मोटरसाइकिल से यात्रा की और दूर-दराज के गांवों तक शासन की पहुंच बनाई।
सुशासन तिहार अभियान का मुख्य उद्देश्य राज्य के पिछड़े और दुर्गम क्षेत्रों में सरकारी सेवाओं एवं योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन करना है। इस मुहिम के तहत प्रशासन ने पारंपरिक वाहन चलाने के बजाए स्थानीय मार्गों और जंगल के रास्तों को ध्यान में रखते हुए मोटरसाइकिलों को चुना, जिससे अधिकारियों को उन इलाकों तक पहुंचने में आसानी हो सके जहां सड़क व्यवस्था कमजोर है।
इस अभियान में सुखमा के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने स्वयं जटिल भौगोलिक परिस्थितियों का सामना करते हुए प्रशासनिक टीम के साथ कड़ी मशक्कत की। उन्होंने स्थानीय लोगों से संवाद स्थापित किया, उनकी समस्याएं सुनीं और तुरंत समाधान निकालने का प्रयास किया। इससे क्षेत्र की जनता में शासन के प्रति विश्वास और सकारात्मकता बढ़ी है।
सुशासन तिहार 2026 से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि यह पहल सिर्फ एक यात्रा नहीं, बल्कि जनसुविधाओं को बेहतर बनाने और विकास को गति देने का माध्यम है। दूर-दराज के क्षेत्र न केवल पर्यावरणीय दृष्टि से संवेदनशील हैं, बल्कि सामाजिक-आर्थिक दृष्टि से भी पिछड़े हुए हैं। इसलिए इन इलाकों में सुशासन तिहार के माध्यम से स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वच्छता और सुरक्षा जैसी मूलभूत सुविधाएं पहुंचाना आवश्यक है।
स्थानीय जनता ने प्रशासन की इस पहल का स्वागत किया है और कहा है कि ऐसी योजनाओं से उन्हें सीधे सरकारी योजनाओं और सहायता का लाभ मिलेगा। विशेषकर महिलाओं और बच्चों के लिए स्वास्थ्य तथा शिक्षा की सुविधाएं बेहतर होंगी।
प्रदेश सरकार के अधिकारियों ने भी इस अभियान की सराहना की है और भविष्य में भी इसी तरह की विशेष पहलों को लागू करने का आश्वासन दिया। उन्होंने बताया कि सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत नियमित रूप से इस प्रकार के दौरे और समीक्षा बैठकें आयोजित की जाएंगी, जिससे प्रशासन की जवाबदेही बढ़े और विकास कार्य तीव्र गति से आगे बढ़ें।
इस प्रकार, सुखमा के वन क्षेत्र में मोटरसाइकिल पर प्रशासन की यह यात्रा न केवल शासन की उपलब्धता दर्शाती है बल्कि विकास की एक नई दिशा की ओर भी संकेत करती है, जहां गांव-गांव तक सरकारी योजनाएं और सेवाएं पहुंचेंगी और लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आएंगे।

