छत्तीसगढ़ मौसम : 22 जून तक बारिश का सिलसिला, आज 2 दर्जन जिलों में बारिश-आंधी का अलर्ट, जानिए कब होगा मानसून का आगमन

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    छत्तीसगढ़ में मौसम ने फिर अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया है। आगामी 3-4 दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में मेघगर्जन के साथ हल्की से मध्यम वर्षा की संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग ने बताया है कि अगले 5 दिनों तक अधिकतम तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा, जिससे सामान्य गर्मी का अहसास बना रहेगा।

    विशेष रूप से छत्तीसगढ़ में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने की स्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि प्रदेश में मानसून प्रवेश 20 से 25 जून के बीच हो सकता है, जबकि सामान्यतया यह प्रवेश 10 से 15 जून के बीच होता है। इस वर्ष मानसून के थोड़ी देरी से आने के संकेत मिल रहे हैं।

    पिछले 24 घंटों में रायपुर, दुर्ग और बस्तर संभाग के कई क्षेत्रों में मेघगर्जन के साथ वर्षा हुई है। साथ ही आज 25 जिलों में बारिश, आंधी, वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है। रायपुर में भी आसमान आंशिक रूप से बादलों से ढका रहेगा, जिससे तापमान अधिकतम 39 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की उम्मीद है।

    मौसम केंद्र रायपुर की रिपोर्ट के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ के कुछ भागों में और प्रभावी होने जा रहा है। मौसमी द्रोणियां पंजाब से हरियाणा, उत्तर प्रदेश होते हुए बिहार तक फैली हुई हैं, वहीं पूर्वी विदर्भ से तेलंगाना और आंध्र प्रदेश होते हुए तमिलनाडु तक एक और द्रोणि समुद्र तल से लगभग 900 मीटर ऊंचाई पर सक्रिय है। इन प्रणालियों के कारण 22 जून तक प्रदेश में बारिश के सिलसिले जारी रहेंगे।

    बारिश-आंधी का आज अलर्ट

    मौसम विभाग ने सुकमा, बीजापुर, दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर, कोडगांव, उत्तर बस्तर कांकेर, राजनांदगांव, महासमुंद, दुर्ग, कबीरधाम, धमतरी, गरियाबंद, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, गौरला-पेंड्रा-मरवाही, मुंगेली, सूरगुजा, सूरजपुर, कोरिया तथा बलरामपुर जिलों में मेघगर्जन, आकाशीय बिजली, तेज हवा और आंधी (40-60 किमी प्रति घंटा) तथा वर्षा की संभावना को लेकर सतर्क रहने को कहा है।

    सावधानी बरतने और स्थानीय प्रशासन को मानकों के अनुसार तत्पर रहने के निर्देश जारी किए गए हैं ताकि किसी भी असामान्य स्थिति से निपटने में तेजी लाई जा सके। किसान, छोटे व्यापारी, यात्रियों और ग्रामीण क्षेत्र के लोग विशेष सतर्कता और तैयारी में रहें।

    मौसम विभाग की निरंतर निगरानी के कारण संभावित अतिवृष्टि और आंधी-तूफान के प्रभाव से होने वाले नुकसान को कम करने के प्रयास किए जा रहे हैं। प्रदेशवासियों से आग्रह है कि वे मौसम अपडेट्स को ध्यान से सुनें और प्रशासन द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देशों का पालन करें।

    इस प्रकार छत्तीसगढ़ में इस बार मानसून की एंट्री थोड़ी देर से ज़रूर हो रही है, पर मौसम विभाग की माने तो बारिश का दौर जून के अंतिम सप्ताह तक बना रहेगा, जिससे क्षेत्र के किसानों को राहत मिलेगी और जलस्रोतों को पुनर्जीवित होने में मदद मिलेगी।

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