नई दिल्ली। मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG री-टेस्ट 2026 को पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए सरकार ने इस बार अभूतपूर्व कदम उठाया है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने प्रश्नपत्रों को देशभर के केंद्रों तक पहुँचाने के लिए भारतीय वायुसेना (IAF) की मदद ली। बीते चार दिनों में वायुसेना ने 200 से ज़्यादा उड़ानें भरकर सीलबंद प्रश्नपत्रों को 18 निर्धारित ठिकानों तक पहुँचाया।
पेपर लीक के बाद रद्द हुई थी मूल परीक्षा
इससे पहले हुई NEET UG परीक्षा पेपर लीक के आरोपों के चलते रद्द करनी पड़ी थी। छात्रों और अभिभावकों का भरोसा दोबारा कायम करने के लिए अब 21 जून 2026 को री-टेस्ट कराया जा रहा है। यही कारण है कि इस बार प्रश्नपत्रों की सुरक्षा सैन्य स्तर तक पहुँचा दी गई।
C-17 ग्लोबमास्टर से लेकर हेलिकॉप्टर तक तैनात
रिपोर्ट्स के अनुसार वायुसेना ने भारी-भरकम C-17 ग्लोबमास्टर मालवाहक विमानों के साथ-साथ अन्य ट्रांसपोर्ट विमानों और हेलिकॉप्टरों का इस्तेमाल किया। प्रश्नपत्रों की यह देशव्यापी वितरण प्रक्रिया बुधवार तक पूरी होने की उम्मीद है।
परीक्षा के दिन टेलीग्राम पर पाबंदी
किसी भी गड़बड़ी को रोकने के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने 22 जून 2026 तक देश में टेलीग्राम तक पहुँच सीमित करने का निर्देश दिया है। यह अवधि री-टेस्ट के दिन और उसके बाद के समय को कवर करती है, ताकि किसी चैनल से पेपर लीक न हो सके।
छात्रों के लिए क्या मायने
इतने बड़े पैमाने के सुरक्षा इंतज़ाम बताते हैं कि सरकार परीक्षा प्रणाली की साख बहाल करने को लेकर गंभीर है। लाखों मेडिकल अभ्यर्थियों के लिए यह राहत की बात है कि इस बार प्रश्नपत्रों की गोपनीयता से कोई समझौता नहीं होगा।

