मध्य प्रदेश मौसम अपडेट: 21 जिलों में बारिश और तेज हवा का अलर्ट, 5 जिलों में हीटवेव की चेतावनी, मानसून की संभावना 25 जून के बाद

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    मध्य प्रदेश में मानसून की सक्रियता अभी धीमी है और इस कारण प्रदेशवासियों को मानसून की आमद के लिए और इंतजार करना होगा। सामान्यत: जून के मध्य तक मानसून प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में दस्तक दे देता है, लेकिन इस बार यह प्रक्रिया 27 जून तक स्थगित हो सकती है। मौसम विभाग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार मानसून आने से पहले प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रहेगी, जो मानसून की राह को संकेत देती है।

    मौसम विभाग ने आगामी चार दिनों तक प्रदेश के कुछ जिलों में हीटवेव की संभावना जताई है। खासकर जबलपुर, रीवा और सागर संभाग के जिलों में तापमान में वृद्धि देखी जा सकती है, जिससे लोगों को गर्मी की अधिकता का सामना करना पड़ सकता है। इसके साथ ही प्रदेश के कई क्षेत्रों में तेज हवा और गरज चमक के साथ बारिश के अलर्ट भी जारी किए गए हैं।

    पिछले कुछ दिनों में रायसेन जिले में सबसे ज्यादा 61 मिमी बारिश दर्ज हुई है। भोपाल, सतना, जबलपुर, खजुराहो, नौगांव और सिवनी में भी बारिश का दौर चल रहा है। तापमान की बात करें तो भोपाल का अधिकतम तापमान 35.3 डिग्री सेल्सियस, इंदौर 37.1 डिग्री, ग्वालियर 39.7 डिग्री, उज्जैन 36 डिग्री और जबलपुर 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। वहीं दतिया में तापमान 40.6 डिग्री तक पहुंच गया, जो गर्मी की गंभीरता को दर्शाता है।

    मौसम का आगामी पूर्वानुमान

    • झाबुआ, आलीराजपुर, धार, बड़वानी, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, मैहर, अनूपपुर, कटनी, दमोह, सागर, विदिशा और अशोकनगर जिलों में बारिश के साथ तेज आंधी चलने की संभावना है।
    • ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, श्योपुर, गुना, नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, राजगढ़, भोपाल, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, देवास, सीहोर, इंदौर, उज्जैन, शाजापुर, छिंदवाड़ा, सिवनी और बालाघाट में अधिक गरमी का प्रभाव महसूस किया जा सकता है।
    • नरसिंहपुर, जबलपुर, मंडला, उमरिया और डिंडौरी जिलों में लू चलने की चेतावनी जारी की गई है, इसलिए यहां के लोग विशेष सावधानी बरतें।

    मध्य प्रदेश में बारिश का हाल

    मध्य प्रदेश में 1 से 20 जून के बीच वर्षा सामान्य से करीब 48 प्रतिशत कम दर्ज की गई है, जो मानसून की धीमी शुरुआत को दर्शाता है। प्रदेश के 55 में से 45 जिले इस कमी की श्रेणी में हैं। पूर्वी मध्य प्रदेश में 69 प्रतिशत कम और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 29 प्रतिशत कम बारिश हुई है। जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के कुल 24 जिले 69 प्रतिशत कम वर्षा वाले जिलों में शामिल हैं। इसी तरह भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और नर्मदापुरम संभागों में भी सामान्य से लगभग 29 प्रतिशत कम बारिश दर्ज हुई है।

    विशेष रूप से, आलीराजपुर जिले में अबतक कोई बारिश नहीं हुई है, जबकि भोपाल में लगभग 4 इंच बारिश दर्ज की गई है, जो प्रमुख शहरों में सबसे अधिक है।

    मौसम विभाग की चेतावनियों के अनुसार आगामी दिनों में मानसून के पूर्ण रूप से सक्रिय होने तक प्रदेशवासियों को सावधानी बरतनी होगी, खासकर तापमान में वृद्धि और लू के प्रकोप को लेकर। बारिश के साथ तेज हवा और आंधी के कारण कहीं-कहीं हालात चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं, इसलिए आवश्यक सरकारी अलर्ट एवं निर्देशों का पालन अनिवार्य होगा।

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