छत्तीसगढ़ में दर्दनाक घटना: भाजपा के पूर्व पंचायत उपाध्यक्ष समेत तीन लोगों को कार में जिंदा जलाया गया

Rashtrabaan

    बैकुंठपुर : छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में पिछले कई वर्षों से चल रहे क्षेत्रीय वर्चस्व और अवैध रेत खनन के मुद्दे ने एक भयंकर रूप ले लिया। मंगलवार रात लगभग 11 बजे एक फॉर्च्यूनर कार में सवार भाजपा के पूर्व पंचायत उपाध्यक्ष भरत लाल सिंह समेत तीन लोगों को जलाकर मार डाला गया। यह वारदात इस कदर क्रूर और दर्दनाक थी कि पूरे इलाके में तनाव फैल गया। इस घटना ने स्थानीय लोगों को भयभीत कर दिया है और पुलिस प्रशासन द्वारा कड़ी सतर्कता बरती जा रही है।

    पुलिस के अनुसार, मंगलवार को दोनों पक्षों के बीच किसी बात को लेकर विवाद और शिकायतें हो चुकी थीं। देर रात भरत लाल सिंह अपने समर्थकों के साथ तीन वाहनों में सवार होकर दूसरे पक्ष के घर पहुंचे, जहां पहले से ही हमले की योजना बनाई गई थी। आरोपियों ने 20 से अधिक लोगों के साथ फॉर्च्यूनर कार को निशाना बनाया और एक टिपर वाहन के माध्यम से कार को बार-बार टक्कर मारी। टक्कर लगने के कारण कार के दरवाजे जाम हो गए और उसमें बैठे पांच लोग अंदर फंस गए। इसके बाद आरोपी कार में पेट्रोल छिड़ककर उसे आग के हवाले कर दिया।

    आग लगने के बाद दमकल विभाग की टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर आग बुझाई, लेकिन तब तक भरत लाल सिंह की कार में ही जलकर मौत हो चुकी थी। उनके रिश्तेदार नागेंद्र सिंह गंभीर रूप से झुलस गए थे और अस्पताल ले जाते समय उनकी भी मौत हो गई। साथ ही इस मामले में घायल विरेन्द्र सिंह की भी अंबिकापुर अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। मयंक सिंह और योगेंद्र सिंह अभी भी गंभीर घायलों में शामिल हैं, जिन्हें बेहतर इलाज के लिए रायपुर रेफर किया गया है।

    स्थानीय लोगों ने बताया कि जलती कार से बाहर निकलने वाले लोगों पर आरोपियों ने धारदार हथियारों से भी हमला किया, जिसमें कुदाल और सब्बल का उपयोग हुआ। पुलिस ने इस बात को जांच में लिया है। फिलहाल चार मुख्य आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि तीन अन्य अभी भी फरार हैं। पुलिस और फोरेंसिक टीम जांच में लगे हुए हैं और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया और दोषियों को बख्शे जाने की कोई गुंजाइश नहीं होने का स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने पुलिस प्रशासन को तुरंत कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए हैं।

    प्रारंभिक जांच से पता चला है कि विवाद नागेंद्र सिंह के बेटे के द्वारा नौगई रेत घाट के ठेका लेने के बाद शुरू हुआ था। अवैध खनन और क्षेत्रीय वर्चस्व को लेकर चल रहे तनाव ने इस खूनी खेल को जन्म दिया।

    घटना के बाद पूरे इलाके में भय का माहौल है, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और वे इलाके की सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के प्रयास कर रहे हैं। बुधवार को अंबिकापुर में मृतकों का अंतिम संस्कार किया गया। पुलिस अब भी फरार आरोपितों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है और पूरे मामले की बारीकी से जांच कर रही है।

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