बरेली। ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कथावाचक रामभद्राचार्य के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उनका कहना है कि भारत के मुसलमानों ने बाबरी मस्जिद की बाबत काफी बड़ा संघर्ष झेला है और हमने एक मस्जिद खोई है, इसलिए अब हम दूसरी या तीसरी मस्जिद नहीं खो सकते।
मौलाना शहाबुद्दीन रजवी अपने बयान में स्पष्ट रूप से कह रहे हैं कि कथावाचक रामभद्राचार्य द्वारा मथुरा, काशी और संभल को लेकर की गई घोषणाएं केवल उनके व्यक्तिगत ख्वाब और कल्पना हैं और ये जमीन पर साकार नहीं हो पाएंगे। उन्होंने कहा कि भारत के मुस्लिम समुदाय ने हमेशा अपने धर्मस्थलों की रक्षा की है और आगे भी करेंगे।
सिद्धार्थनगर में हुए एक विवादित मामले पर मौलाना ने कहा कि मुसलमानों को भंडारे का खाना ‘जय श्रीराम’ के नारे लगवाकर खिलाना किसी तरह का सांप्रदायिक सौहार्द नहीं बल्कि नफरत को बढ़ावा देने वाला कदम है। यह भाईचारे और कौमी एकता के खिलाफ है। मौलाना ने ऐसे साम्प्रदायिक आयोजनों के खिलाफ स्पष्ट हिदायत दी कि मुसलमान इनमे शामिल न हों।
इसके अलावा, तमिलनाडु भाजपा के पूर्व नेता के. अन्नामलाई के खिलाफ भी मौलाना ने अपनी विचारधारा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि अपराध हिंदू या मुसलमान किसी भी समुदाय से हो हर हाल में अपराध होता है और कानून को सबके लिए समान रूप से लागू करना चाहिए। अन्नामलाई के उत्तर भारतीय प्रवासियों को निशाना बनाने वाले बयानों की वह कड़ी निंदा करते हैं और इसे उत्तर भारतीयों का अपमान मानते हैं जो स्वीकार्य नहीं है।
मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी के ये बयान साम्प्रदायिक सद्भाव और एकता को मजबूत बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण संदेश हैं। उन्होंने सभी समुदायों से साम्प्रदायिकता और वर्जित गतिविधियों से दूर रहने और एक-दूसरे के साथ सम्मान व प्रेम बनाए रखने का आह्वान किया है।

