रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साई ने गुरुवार को अपने निवास में ऑनलाइन स्व-संख्याांकन करके जनगणना 2027 मुहिम का शुभारंभ किया। इस अभियान का उद्देश्य देश और राज्य के प्रत्येक नागरिक तक सटीक जानकारी पहुंचाना और उन्हें जनगणना प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करना है। मुख्यमंत्री ने जनता से अपील की कि वे इस राष्ट्रीय महत्व के सर्वेक्षण में पूर्ण सहयोग दें ताकि राज्य और राष्ट्र के विकास की मजबूत नींव रखी जा सके।
जनगणना भारत सरकार का एक महत्त्वपूर्ण सांख्यिकीय कार्य है, जो हर दस वर्ष में होता है। यह न केवल जनसंख्या का आंकड़ा जुटाता है, बल्कि विभिन्न सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक तथा भौगोलिक सूचनाओं को भी संग्रहित करता है, जो भविष्य की नीतियों और योजनाओं के निर्माण में सहायता करता है। ऑनलाइन स्व-संख्याांकन प्रक्रिया नागरिकों को स्वयं घर बैठे डेटा भरने की सुविधा देती है, जिससे समय की बचत होती है और डेटा की गुणवत्ता में सुधार होता है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साई ने कहा कि सटीक और विश्वसनीय जनगणना की जानकारी से राज्य सरकार बेहतर योजनाएँ बना सकेगी, जिससे स्वास्थ्य, शिक्षा, बुनियादी सुविधाएं, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में सुधार होगा। उन्होंने यह भी बताया कि कोरोना महामारी के बाद जनगणना की भूमिका और भी अहम हो गई है, क्योंकि इससे प्राप्त आंकड़ों के आधार पर महामारी के बाद की दरकारों को समझने और नीति निर्धारण में सहायता मिलेगी।
राज्य सरकार ने जनगणना 2027 को सफल बनाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार और जागरूकता अभियान शुरू किए हैं। जनगणना अधिकारियों ने विभिन्न जनसामान्य के साथ संवाद स्थापित कर उनकी शंकाओं का निराकरण किया है और ऑनलाइन संख्याांकन प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए तकनीकी मदद उपलब्ध कराई है। मुख्यमंत्री ने सभी नागरिकों से आग्रह किया कि वे इस प्रक्रिया में स्वेच्छा से भाग लें और पूरी सही जानकारी प्रदान करें, ताकि राज्य और देश का सामाजिक-आर्थिक विकास गतिशील बन सके।
इस पहल से यह स्पष्ट होता है कि जनगणना केवल आंकड़ों का संग्रह नहीं, बल्कि राष्ट्र और राज्य के भविष्य की योजना का मजबूत आधार है। मुख्यमंत्री के निर्देशों के तहत इस बार की जनगणना में नवीनतम तकनीकों का उपयोग कर प्रक्रिया को पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने की पूरी कोशिश की जा रही है। इससे देशभर में विकास के लक्ष्यों की प्राप्ति में सहायता मिलेगी और सामाजिक न्याय की स्थापना मजबूत होगी।

