जयपुर। राजस्थान की राजनीति में गुरुवार सुबह एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया, जब एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने लगभग 960 करोड़ रुपए के कथित जल जीवन मिशन घोटाले के संदर्भ में पूर्व मंत्री महेश जोशी को गिरफ्तार किया। यह गिरफ्तारी एसीबी डीआईजी रामेश्वर सिंह की अगुवाई में एसआईटी की टीम ने जयपुर की सैन कॉलोनी स्थित उनके आवास पर सुबह लगभग पांच बजे को अंजाम दिया। आरोप हैं कि जोशी ने इस मामले में भ्रष्टाचार और पद का दुरुपयोग किया।
जल जीवन मिशन केंद्र सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना है, जो हर घर तक नल से पानी पहुंचाने का लक्ष्य लेकर शुरू की गई थी। जांच में सामने आया कि श्री गणपति ट्यूबवेल और श्री श्याम ट्यूबवेल नामक दो कंपनियों ने फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र प्रस्तुत कर टेंडर हासिल किया। ये प्रमाण पत्र कथित तौर पर इरकॉन इंटरनेशनल के नाम से जारी किए गए थे। श्री गणपति ट्यूबवेल को 859.20 करोड़ तथा श्री श्याम ट्यूबवेल को 120.25 करोड़ के ठेके ऐसे फर्जी दस्तावेजों के जरिए मिले।
एसीबी का मानना है कि महेश जोशी ने मंत्री पद के प्रभाव का दुरुपयोग कर इन कंपनियों को टेंडर दिलाए और इसके बदले रिश्वत प्राप्त की। यह कार्रवाई अब तक एसीबी की सबसे बड़ी भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्यवाही मानी जा रही है।
इससे पहले अप्रैल 2025 में प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में महेश जोशी को गिरफ्तार किया था, जिनकी लगभग सात महीने तक जेल में रखा गया और दिसंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट से उन्हें जमानत मिली थी। यह ताजा गिरफ्तारी एसीबी द्वारा दर्ज अलग भ्रष्टाचार मामले के तहत है।
एसीबी जांच में कई वरिष्ठ अधिकारियों को भी आरोपी बनाया गया है। पूर्व अतिरिक्त मुख्य सचिव सुबोध अग्रवाल को गिरफ्तार किया जा चुका है। इसके अलावा वित्तीय सलाहकारों, मुख्य अभियंताओं और अधीक्षण अभियंताओं समेत 22 अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। जांचकर्ताओं को ईमेल ट्रेल के माध्यम से महत्वपूर्ण डिजिटल सबूत भी मिले हैं, जिनसे ठेकेदारों और अधिकारियों के बीच मिलीभगत का पर्दाफाश हुआ है।
यह मामला राजनीतिक सुर्खियों में पहली बार जून 2023 में तब आया था, जब वरिष्ठ नेता किरोड़ी लाल मीणा ने अशोक नगर थाने के बाहर धरना देकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी। इस मुद्दे ने राजस्थान विधानसभा चुनाव के दौरान राजनीतिक विवाद बढ़ा दिया।
एसीबी ने इस प्रकरण में 2024 के अंत में FIR दर्ज की, जिसमें अब तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है जबकि तीन आरोपी फरार हैं। महेश जोशी की गिरफ्तारी से जांच और तेजी पकड़ सकती है। आगामी दिनों में और गिरफ्तारी तथा मुख्य आरोपियों से कड़ी पूछताछ होने की संभावना है।

