फेस मास्क कोविड-19 महामारी में संक्रमण से बचाव का एक अहम हथियार साबित हुआ है। हालांकि, कई लोग एक ही मास्क को बार-बार इस्तेमाल करने की गलती कर बैठते हैं, जिससे स्वास्थ्य संबंधी गंभीर जोखिम उत्पन्न हो सकते हैं। विशेषज्ञों की मानें तो मास्क को पुन: उपयोग करना वायरस और बैक्टीरिया के संक्रमण का कारण बन सकता है, जो हमारे स्वास्थ्य को प्रभावित करता है।
सबसे पहले यह समझना आवश्यक है कि फेस मास्क का मुख्य उद्देश्य नाक और मुंह के रास्ते वायरस के संक्रमण को रोकना है। एक बार मास्क उपयोग करने के बाद उसपर वायरस, धूल और अन्य प्रदूषक टिक सकते हैं। यदि इसे धोए बिना या सही तरीके से साफ किए बिना पुन: इस्तेमाल किया जाए तो संक्रमण फैलने की संभावना बढ़ जाती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, मास्क के उपयोग के बाद उसे उचित तरीके से हटाना और नष्ट करना चाहिए। यदि कपड़े का मास्क उपयोग कर रहे हैं, तो इसे नियमित रूप से गर्म पानी व साबुन से धोकर अच्छी तरह सुखाना आवश्यक है। वहीं, सर्जिकल मास्क और एन95 मास्क को एक बार इस्तेमाल के बाद फेंक देना चाहिए क्योंकि इन मास्कों को साफ या धोया नहीं जा सकता।
फेस मास्क का पुन: उपयोग करने से संक्रमण फैलने का खतरा इसलिए भी अधिक होता है क्योंकि गंदगी और नमी मास्क पर बैक्टीरिया के विकास को बढ़ावा देती है। यह स्थिति न केवल कोविड-19 बल्कि अन्य सांस से जुड़ी बीमारियों का जोखिम भी बढ़ाती है। इसलिए मास्क का सही प्रयोग और समय-समय पर बदलना बहुत जरूरी है।
सरकारी और स्वास्थ्य एजेंसियां भी लगातार सामाजिक जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को सही मास्क उपयोग की आदत डालने की सलाह दे रही हैं। मास्क पहनते समय नाक और मुंह पूरी तरह से ढका होना चाहिए तथा मास्क को बार-बार छूने से बचना चाहिए। यदि मास्क गंदा या फटा हुआ हो तो उसे तुरंत बदल देना चाहिए। इस तरह के उपाय अपनाकर हम व्यक्तिगत और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित कर सकते हैं।
अंततः, एक ही फेस मास्क का पुन: उपयोग हमारी सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता है। संक्रमण से बचने के लिए मास्क को साफ और ताजा बनाए रखना अनिवार्य है। साथ ही, मास्क के साथ हैंड सैनिटाइजर और नियमित हाथ धोने जैसे अन्य सुरक्षा उपायों का भी पालन करना चाहिए। तभी हम कोरोना और अन्य संक्रमणों के खतरों से पूरी तरह सुरक्षित रह सकते हैं।

