अनुशासन की मिसाल: मनु भाकर के पिता ने याद किया जसपल राणा का बड़ा योगदान

Rashtrabaan

    शूटर मनु भाकर की सफलता के पीछे उनके पिता ने भारतीय शूटर जसपल राणा के अहम योगदान को याद किया है। जसपल राणा, जो भारतीय शूटरिंग के दिग्गज माने जाते हैं, ने मनु में अनुशासन, आत्मविश्वास और परिणाम-केंद्रित सोच विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

    मनु भाकर की पिता के अनुसार, जसपल राणा का समर्थन उनके लिए केवल एक मार्गदर्शक से कहीं अधिक रहा है। उन्होंने मनु की दोहरी प्रतियोगिता की इच्छा में पूरी तरह साथ दिया, जो पेरिस ओलंपिक जैसे मंच पर सफलता की कुंजी थी। जसपल राणा ने न केवल तकनीकी सलाह दी, बल्कि मनु के अंदर मेहनत करने और आत्मविश्वास बनाए रखने की भावना भी जगा दी।

    मनु की जिजीविषा और जसपल राणा की प्रेरणा के चलते ही वह आज देश के लिए कई जीत लेकर आई हैं। जसपल राणा की कोचिंग में उन्होंने अपने खेल को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है, जिससे उनकी योग्यता और प्रतिबद्धता दोनों का विस्तार हुआ है।

    शूटरिंग के इस सफर में अनुशासन की भूमिका पर जोर देते हुए, मनु के पिता ने कहा कि जसपल राणा की सीख ने उन्हें भावी चुनौतियों का सामना करने के लिए बेहद मजबूत बनाया। उनका मानना है कि केवल प्रतिभा ही नहीं, लगातार मेहनत और सही दिशा भी सफलता की आधारशिला है।

    इससे स्पष्ट होता है कि जसपल राणा का योगदान केवल एक कोचिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्होंने मनु की सोच और दृष्टिकोण को भी आकार दिया है। उनके मार्गदर्शन ने मनु को न केवल देश के लिए बल्कि विश्व के स्तर पर भी एक चमकता सितारा बना दिया है। शूटरिंग क्षेत्र में ऐसी कहानियां प्रेरणा का स्रोत हैं, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए भी राह दिखाती हैं।

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