लखनऊ: अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे और जमीन खरीद से जुड़ी बहस अब राजनीतिक arena में तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर आरोप लगाया है कि वे धार्मिक भावनाओं का उपयोग धन कमाने के लिए कर रही है। उन्होंने कहा कि मंदिर निर्माण और उसके प्रबंधन में भारी भ्रष्टाचार हुआ है, जिससे गरीब और आम जनता की जमीनें और दुकानें छीनी गईं।
अखिलेश यादव ने लखनऊ में पत्रकार वार्ता में कहा कि चढ़ावे और दान के मामले में गड़बड़ियों को छुपाने के लिए सीसीटीवी फुटेज गायब कर दी गई है। उन्होंने बताया कि बिलकुल वैसे ही जैसे कुंदरकी विधानसभा उपचुनाव में सीसी कैमरे बंद कर वोट चोरी हुई थी, यहां भी चढ़ावे से जुड़े भ्रष्टाचार को छिपाने के लिए कैमरे बंद कर दिए गए। उन्होंने सवाल किया कि एसआईटी जांच कर रही है तो जांच की निगरानी कौन करेगा।
इसके साथ ही उन्होंने “समाजवादी ऑडिट रिपोर्ट” भी जारी की, जिसमें भाजपा सरकार पर विभिन्न चंदों और गुरु दक्षिणा के पैसों की जवाबदेही नहीं देने का आरोप लगाया गया। उन्होंने कहा कि संत समाज के कुछ लोगों ने भी राम मंदिर के चढ़ावे में गड़बड़ी की बात कही है। सपा प्रमुख ने विश्व हिंदू परिषद द्वारा इकट्ठे किए गए लगभग 1400 करोड़ रुपये के मद में पारदर्शिता की मांग की।
भाजपा की तरफ से उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अखिलेश यादव के आरोपों का कड़ा जवाब देते हुए कहा कि राम मंदिर निर्माण में कोई भ्रष्टाचार नहीं हुआ। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई भी व्यक्ति चढ़ावे या दान में गड़बड़ी करेगा तो उसे बख्शा नहीं जाएगा। मौर्य ने धार्मिक भावना के साथ कहा कि श्रीहनुमानजी की गदा ऐसे भ्रष्टाचार करने वालों पर चलेगी।
इसी कड़ी में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भी उत्तर प्रदेश के देवरिया में सपा अध्यक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सपा के नेता उन सवालों का जवाब नहीं देते जो बाबरी मस्जिद के चंदे के बारे में होते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा केवल बयानबाजी और सियासी तुष्टिकरण कर रही है। ब्रजेश पाठक ने बताया कि एसआईटी जांच कर रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
इस पूरे मामले ने राजनीतिक विवाद को नया रंग दिया है। चढ़ावे व जमीन के विवाद को लेकर दोनों प्रमुख दल एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप जारी रखे हुए हैं। जनता और मीडिया की निगाहें अब एसआईटी की जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं, जो इस मामले में वास्तविक स्थिति सामने ला सकेगी।

