एडप्पडी पलानीस्वामी ने कहा कि सरकार ने कैबिनेट की बैठक में विभिन्न विभागों में 436 योजनाओं की घोषणा की थी, लेकिन इनमें से कोई भी योजनाएं राज्यपाल के अभिभाषण में शामिल नहीं की गईं। उन्होंने यह बात कठोर रूप से उठाई कि इस प्राथमिकता के बावजूद इन योजनाओं को आधिकारिक अभिभाषण में स्थान नहीं मिलने से सरकार की नीतियों एवं योजनाओं को सही पहचान नहीं मिल पा रही है।
पलानीस्वामी ने इसके पीछे सरकार की अनदेखी और समुचित संचार की कमी को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने बताया कि इन योजनाओं का संबंध ग्रामीण विकास, कृषि, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों से है। इससे यह स्पष्ट होता है कि सरकार ने इस कदम से जनता तक अपनी महत्वाकांक्षी परियोजनाओं के बारे में सूचनाएं नहीं पहुंचाई।
उन्होंने कहा कि इस तरह की अनदेखी से जनता के विश्वास पर भी असर पड़ता है और इससे प्रशासनिक पारदर्शिता भी प्रभावित होती है। पलानीस्वामी ने सिफारिश की कि भविष्य में ऐसी महत्वपूर्ण योजनाएं राज्यपाल के अभिभाषण में शामिल की जानी चाहिए ताकि जनसाधारण को सरकार की कार्यप्रणाली और विकास कार्यों की वास्तविक जानकारी मिल सके।
इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को केवल घोषणाओं तक सीमित न रहकर इन योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू करने पर भी ध्यान देना चाहिए। इससे न केवल योजनाएं सफल होंगी बल्कि आम जनता की अपेक्षाओं को भी पूरा किया जा सकेगा। पलानीस्वामी ने अपनी बातों को मजबूती देने के लिए पिछले कार्यकाल के अनुभवों का भी उल्लेख किया, जहां योजनाओं की सही समय पर घोषणा और उनकी प्रभावी कार्यान्वयन से सकारात्मक परिणाम देखने को मिले थे।
उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि जनता के हित में चल रहे सभी योजनाओं की पारदर्शिता बनाए रखी जाए और समय-समय पर उनकी प्रगति से जनता को अवगत कराया जाए। इससे सरकार और जनता के बीच विश्वास बढ़ेगा और समग्र विकास की दिशा में काम तेजी से होगा।
पलानीस्वामी के इस बयान से यह स्पष्ट होता है कि सरकार के विकास कार्यों के प्रचार-प्रसार में सुधार की आवश्यकता है, जिससे जनता पूरी तरह से अवगत हो सके और योजनाओं से मिलने वाले लाभों का सही आकलन कर सके।

