रील बनाते-बनाते हुआ प्यार, छतरपुर में दो मासूम बच्चों को छोड़ फरार हुई महिला

Rashtrabaan

    सोशल मीडिया आज के समय में लोगों को जोड़ने का एक अहम माध्यम बन चुका है, लेकिन कई बार यह पारिवारिक जीवन में दरार का कारण भी बन जाता है। छतरपुर जिले से एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जिसने पूरे क्षेत्र में हलचल मचा दी है। यहां एक मजदूर ने अपनी पत्नी पर आरोप लगाया है कि वह इंस्टाग्राम पर रील बनाते-बनाते एक अन्य युवक के संपर्क में आई और फिर अपने दो छोटे बच्चों को छोड़कर फरार हो गई।

    मुकुंदी अहिरवार, जो खुद एक मेहनतकश मजदूर हैं, का कहना है कि वे अपने परिवार की देखरेख प्रेम और समर्पण से करते थे। उनकी पत्नी को सोशल मीडिया पर सक्रिय रहना और रील वीडियो बनाना पसंद था। इसी दौरान उसकी पत्नी की मुलाकात एक युवक से हुई, जिसके साथ बातचीत धीरे-धीरे बढ़ती गई। पति ने बताया कि जैसे-जैसे वह संपर्क गहरा होता गया, उनकी पत्नी ने परिवार से दूरी बनानी शुरू कर दी।

    इंस्टाग्राम रील्स और ऑनलाइन रिश्तों का प्रभाव

    पिछले कुछ वर्षों में इंस्टाग्राम और फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लोगों की दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बन गए हैं। रील्स और शॉर्ट वीडियो के माध्यम से कई लोग अपनी पहचान बना रहे हैं, लेकिन विशेषज्ञों की सलाह है कि ऐसे ऑनलाइन संबंधों को लेकर सतर्कता जरूर बरती जाए। वर्चुअल दुनिया में बढ़ते संबंध कई बार वास्तविक जीवन के पारिवारिक रिश्तों को प्रभावित कर देते हैं।

    छतरपुर का यह मामला भी इस ही खतरे को उजागर करता है। मुकुंदी के अनुसार, जब वह काम पर थे, तब उनकी पत्नी घंटों फोन पर बातचीत करती थीं। परिवार को इसका ज्ञान नहीं था। अचानक महिला घर छोड़कर चली गई, जिसके बाद मुकुंदी ने पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई और पत्नी की तलाश शुरू की। कुछ समय बाद महिला का पता चला, लेकिन उसने वापस लौटने से इनकार कर दिया।

    महिला की तरफ से अभी तक किसी सार्वजनिक बयान की प्राप्ति नहीं हुई है, इसलिए इस पूरे मामले की सत्यता और पृष्ठभूमि की जांच संबंधित अधिकारियों को करनी है। फिलहाल यह घटना स्थानीय समुदाय में तीव्र चर्चा का विषय बनी हुई है।

    मासूम बच्चों के भविष्य को लेकर चिंता

    इस घटना का सबसे अधिक असर उन दो मासूम बच्चों पर पड़ा है, जो अपनी मां से दूर हो गए हैं। मुकुंदी ने बताया कि बच्चों को समझाना और उनकी देखभाल करना उनके लिए चुनौती बन गया है। आर्थिक हालात पहले से ही खराब होने के कारण कानूनी प्रक्रिया और बच्चों की जिम्मेदारी संभालना मुश्किल हो गया है।

    परिवार विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे मामलों में बच्चों का मानसिक स्वास्थ्य सबसे अधिक प्रभावित होता है। माता-पिता के बीच विवाद बच्चे की पढ़ाई, व्यवहार और भावनात्मक विकास पर दीर्घकालीन प्रभाव डाल सकता है। अतः किसी भी पारिवारिक मतभेद में बच्चों के हितों को सर्वोपरि रखा जाना चाहिए।

    पीड़ित पति ने पुलिस और प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि वे किसी विवाद को बढ़ावा नहीं देना चाहते, बल्कि केवल बच्चों के लिए मां का साथ चाहते हैं और परिवार को फिर से एक सामान्य जीवन जीना है। स्थानीय प्रशासन ने भी इस मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू करने की बात कही है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी हुई है कि जांच और प्रक्रिया के बाद कौन सा फैसला सामने आता है।

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