भारतीय क्रिकेट जगत ने एक अनुभवी और सम्मानित अंपायर को खो दिया है। वी. विक्रमराजु, जिन्होंने दो टेस्ट मैचों और पांच वनडे मैचों में अंपायरिंग की, का निधन हो गया। वे 92 वर्ष के थे। उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा।
विक्रमराजु ने 42 प्रथम श्रेणी मैचों में भी अंपायर की भूमिका निभाई, जो दर्शाता है कि वे खेल के प्रति कितने समर्पित और प्रतिबद्ध थे। भारतीय अंपायरिंग समुदाय में उनका स्थान हमेशा विशेष रहेगा।
उनका सबसे यादगार मैच 1986 में चेन्नई के क्षेत्र में हुआ जिसका परिणाम टाई रहा था। इस टेस्ट मैच में उन्होंने अपने निष्पक्ष और सटीक निर्णयों से सभी का ध्यान आकर्षित किया।
विक्रमराजु का क्रिकेट के प्रति लगाव और उनकी मेहनत ने उन्हें भारतीय क्रिकेट के इतिहास में एक सम्मानित मुकाम प्रदान किया। आज उनके जाने से खेल को एक सच्चा संरक्षक खोना पड़ा है।
उनका जीवन क्रिकेट के प्रति उनके समर्पण और उत्कृष्टता का प्रतीक था। कई युवा अंपायरों के लिए वे एक प्रेरणा स्रोत थे। उनके अनुभव और ज्ञान ने भारतीय क्रिकेट को कई बार लाभ पहुंचाया।
विषय के जानकार उनके व्यक्तित्व को याद करते हुए कहते हैं कि वे अपने काम में ईमानदार और निष्पक्ष थे। उनकी शांत और संयमित प्रकृति ने उन्हें खिलाड़ियों और अधिकारियों के बीच सम्मान दिलाया।
भारतीय क्रिकेट परिवार उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करता है और उनके परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त करता है। आशा है कि उनकी विरासत आगे भी नए उभरते अंपायरों को प्रोत्साहित करती रहेगी।

